बड़ौत। कांवड़ यात्रा के कारण चलते दिल्ली-सहारनपुर और बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग सहित अन्य मुख्य मार्गों पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के सामने दोहरी दिक्कतें उत्पन्न हो गई हैं, एक तो यात्रियों को हरिद्वार जाने के लिए 110 रुपये अधिक किराया देना पड़ रहा है, ऊपर से समय भी अधिक लगा।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर यातायात रुट बदले जाने के बाद जिला प्रशासन ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे समेत बड़ौत-मुजफ्फरनगर व अन्य कांवड़ मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया था। ऐसी स्थिति में बड़ौत डिपो की बसें बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जाने की बजाय बिनौली-सरधना-दौराला, जानसठ, मसूरी, बिजनौर होते हुए हरिद्वार जा रहीं हैं। जिससे बड़ौत से हरिद्वार की दूरी लगभग 100 किमी बढ़ गई है, ऐसे में यात्रियों काे 190 के बजाए 300 रुपये किराया देना पड़ रहा है।
ये बाेले यात्री
समय भी बर्बाद हो रहा है और पैसे भी अधिक
हरिद्वार से गंगाजल लेने गया था, इस दौरान मूल किराए 190 की बजाय 300 रुपये किराया देना पड़ रहा है। इस रुट में समय भी अधिक लग रहा है। - वरदान
बड़ौत से हरिद्वार जाने के लिए चार से साढ़े चार घंटे का समय लगता था, लेकिन अब छह घंटे से अधिक समय लग रहा है और परिचालक भी अधिक किराया वसूल रहा है- सावन
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे समेत बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है, अब यात्रियों के लिए बिनौली, सरधना, दौराला, जानसठ, मंसूरी, बिजनौर आदि जगहों से होते हुए हरिद्वार तक बसें जा रहीं हैं। इसलिए किराया भी बढ़ गया है- रामदास एआरएम बड़ौत