बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित एक होटल में सोमवार को लघु उद्योग भारती बड़ौत इकाई की बैठक हुई। जिसमें सरकार द्वारा डीजल भट्ठियों और कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि रोक से पहले इन दोनों के विकल्प ढूंढकर उद्यमियों की मदद किए जाने की गुहार लगाई।
लघु उद्योग भारती के संभाग महासचिव मेरठ क्षेत्र राजकुमार शर्मा ने कहा कि परंपरागत ईंधन से पीएनजी में कनवर्ट करने की लागत बहुत ज्यादा है। पीएनजी की दर भी पिछले एक साल में दो गुना कर दी गई है। ऐसे में उद्यमी मांग कर रहे हैं कि सरकार इसमें सहयोग करें। उद्यमी प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करना चाहते हैं। जिन क्षेत्रों में पीएनजी लाइन नहीं है, वहां भी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने डीजल जनरेटर चलाने पर पाबंदी लगाई है, यह अनुचित है।
कहा कि औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशानुसार 30 सितंबर तक दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगे उद्योगों में परंपरागत ईंधन का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए उद्योगों को अपने जनरेटर सेट सहित बायलर पीएनजी पर शिफ्ट करने होंगे। इससे एनसीआर में साढ़े तीन लाख यूनिट बंदी के कगार पर है। नया पीएनजी सेट लगाने में 20 लाख का खर्च आएगा। कोरोना काल की मार झेल रही इंडस्ट्री इतना खर्च वहन नहीं कर सकती। मौके पर बाबू राम शर्मा, तरुण जैन, पंकज जैन, दिनेश अग्रवाल, राजकुमार, रिंकू जैन, अमन जैन, अंकुर जैन, मनोज जैन, अमित जैन, लोकेश जैन, आनंद जैन आदि शामिल रहे।