बागपत। शिक्षकों के चयन वेतन मान को लेकर बीएसए कार्यालय में खेल चल रहा है। जहां शिक्षकों ने कार्यालय के कर्मचारियों पर रुपये मांगने और बीएसए पर भेदभाव करके 39 आवेदन में से सिर्फ 14 पर ही हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। इसपर शिक्षक भड़क गए है और बीएसए की उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
शिक्षण सेवा के दस साल पूरे होने पर शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ मिलता है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कंडेरा के शिक्षक राम अवतार शर्मा का कहना है कि बड़ौत ब्लॉक के 39 शिक्षकों ने चयन वेतनमान का लाभ लेने के लिए अपना आवेदन किया था। जुलाई माह में आवेदन किया गया था। बीईओ अजय कुमार का स्थानांतरण होने पर उनके आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीईओ अनवर सिद्दीकी ने उनकी सर्विस बुक पूरी नहीं होने के कारण आवेदन पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। शिक्षकों ने सर्विस बुक पूरी कराकर बीईओ से आवेदन पर हस्ताक्षर कराने के लिए कहा, मगर उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए गए। जिसपर शिक्षकों ने बीएसए को मामले की जानकारी दी तो उन्होंने शिक्षकों को सभी आवेदन कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। रम अवतार शर्मा समेत अन्य शिक्षकों का कहना है कि दो महीने बीतने के बाद भी सिर्फ 14 शिक्षकों के आवेदन पर ही हस्ताक्षर किए गए है। आरोप है कि शिक्षकों से चयन वेतनमान का लाभ देने के लिए रुपयों की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि समस्या का समाधान न होने पर वह बीएसए कार्यालय के कर्मचारी और बीएसए के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे।
शिक्षक लगातार समस्या से अवगत करा रहे
इस मामले में ऐसा नहीं है कि शिक्षक अचानक नाराज हुए है। बल्कि शिक्षक पिछले कई महीने से परेशान है और अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय नंबर दो कंडेरा के प्रधानाध्यापक जितेंद्र तोमर ने भी शिकायत की है। उनका भी आरोप है कि मामले में कई बार चक्कर काटने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
मैं अपना काम कर ही रही हूं। अगर शिक्षक शिकायत करते हैं तो करते रहे। वह जब शिकायत करेंगे तो हम तब देख लेंगे। - आकांक्षा रावत, बीएसए