शानू त्यागी हत्याकांड से नहीं उठा पर्दा
हापुड़ जिले के सिंभावली थानाक्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव का रहने वाला ऊर्जा निगम में संविदा कर्मी शानू त्यागी उर्फ जॉनी की 22 अगस्त को पोइस नंगला गांव के पास चाकू मारकर हत्याा कर दी गई थी। जिसका शव एक गाड़ी में पड़ा मिला। जो अपने मामा के साले की लड़की को उसकी सहेली से मिलवाने के लिए बागपत आया था। हत्याकांड की जांच में जुटी कई टीमे 24 दिन बाद भी हत्याकांड की सच्चाई से पर्दा नहीं उठा सकी।
अविवाहित किसान की हत्या का खुलासा भूल गई पुलिस
दोघट कस्बे में रहने वाले अविवाहित किसान रविंद्र उर्फ बिंदर की दो सितंबर की रात में ईंटों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद जांच में जुटी दोघट पुलिस हत्याकांड का खुलासा करना भूल गई और हत्यारे पुलिस पकड़ से बाहर है।
ठंडे बस्ते में डाल दी फैय्याजन हत्याकांड की फाइल
पांच सितंबर को मतानतनगर गांव की रहने वाली विधवा महिला फैय्याजन खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी उसका गला रेतकर हत्या कर दी गई। जिसका शव पुरा-बुढसैनी मार्ग पर श्मशान घाट के पास पड़ा मिला। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन पुलिस ने फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी। जिसके हत्यारों का दस दिन बाद भी कुछ पता नहीं चला।
आठ दिन बाद भी सवाल, कौन थी मृतका
सात सितंबर की सुबह दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे पाली गांव के पास युवती का अधजला शव मिला था। जिसे कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। अब आठ दिन बीतने के बाद पुलिस खुलासा तो दूर मृतक युवनी की पहचान नहीं हो सकी।
जिले में हुई हत्याओं का खुलासा करने के लिए कई टीमों को लगाया गया है। कई हत्याओं में अहम जानकारी हाथ लगी है, जिनका जल्द खुलासा कर दिना जाएगा। -अर्पित विजयवर्गीय, एसपी।