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UP: नसबंदी कराने के बावजूद गर्भवती हुई महिला, CMO और आशा पर लगाया जुर्माना

Thu, 15 Sep 2022 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

उत्तर प्रदेश के बागपत सीएचसी में नसबंदी का ऑपरेशन कराने के बावजूद महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। अल्ट्रासाउंड कराने पर महिला को पता चला कि वह पांच माह के गर्भवती है। वहीं इस मामले में सीएमओ और आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई की गई है।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बागपत में सीएचसी में नसबंदी का ऑपरेशन कराने के बाद महिला के गर्भवती होने पर जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग ने सीएमओ और आशा पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। दो हजार रुपये वाद व्यय के देने के आदेश दिए गए। उधर घायल को क्लेम नहीं देने पर इंश्योरेंस कंपनी पर 33 हजार रुपये जुर्माना लगाया।

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अहैड़ा गांव की रहने वाली महिला ने जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग में वाद दायर कर बताया कि चार बच्चे होने के बाद गांव की आशा के साथ बागपत सीएचसी में जाकर मई 2017 में नसबंदी कराई थी।

बताया कि जनवरी 2018 में पेट में दर्द होने पर अल्ट्रासाउंड कराया तो वह पांच माह के गर्भ से मिली। जिसकी शिकायत करने के बाद अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग के अध्यक्ष व न्यायाधीश आरपी सिंह, सदस्य मीनाक्षी जैन व राजीव कुमार ने के बाद सीएमओ व आशा को परिवादिनी को क्षतिपूर्ति व मानसिक प्रताड़ना के लिए 50 हजार रुपये व दो हजार रुपये वाद व्यय के रूप में 60 दिन के अंदर अदा करने के आदेश दिए।

बिचपड़ी के रहने वाले विक्रम सिंह शर्मा पुत्र नंद किशोर शर्मा ने बताया कि उसने एक इंश्योरेंस कंपनी से दो लाख रुपये की नागरिक सुरक्षा बीमा पॉलिसी करा रखी थी। जिसमें 18 मई 2015 को हादसे में घायल हो गया था। जिसका उपचार कराने के लिए उसने इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम के लिए फाइल लगाई, लेकिन कंपनी ने फाइल निरस्त कर दी।
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मामले की सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य मीनाक्षी जैन व राजीव कुमार ने इंश्योरेंस कंपनी पर 33334 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से अदा करने और दो हजार रुपये परिवाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिए।

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