दोघट। भड़ल गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। शुक्रवार को बुखार से गांव के एक युवक की मौत हो गई। गांव में पिछले एक माह में बुखार से चार मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराकर नियमित शिविर लगाने की मांग की है।
भड़ल गांव का आयुष (18) वर्ष पुत्र रामनिवास कई दिन से बुखार से पीड़ित था। उसका मेरठ के प्राईवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुखार से अब तक गांव में एक महिला, एक फौजी और दो युवकों सहित चार मौत हो चुकी है। गांव में बुखार से मौत होने से ग्रामीणों ने दहशत है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई व्यवस्था सही नहीं है और जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं। जिससे गांव में संक्रमण फैलने से लोग बीमार हो रहे हैं। गांव में एक महीने में पीयूष सहित चार लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ओर से एक महीने में गांव में दो बार कैंप लगाया। जिसमें लोगों की सही से जांच करने बजाए खानापूर्ति की जाती है। गांव में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होने के कारण ग्रामीणों को बड़ौत, बुढ़ाना, मेरठ में इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है।
दाहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच न होने के कारण भी लोगों को इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ती है। गांव के जगपाल सिंह, तनवीर, अतेंद्र व सतेंद्र ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने, कैंप लगाकर लोगों की नियमित जांच करने और दाहा पीएचसी पर खून की जांच की व्यवस्था कराने की मांग की है।
कोट...
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है और एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। भड़ल गांव में भी कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई गई थी। अब फिर से कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जाएगी। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ