बागपत। कुर्डी गांव में एक साल पहले बुजुर्ग की फावड़े से वार करके गैर इरातदन हत्या करने वाले पिता और उसके तीन बेटों को न्यायाधीश ने दस साल की सजा सुना दी। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि कुर्डी गांव के रहने वाले सतेंद्र ने फरवरी 2023 को छपरौली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें सतेंद्र ने बताया कि उसका चचेरा भाई इंद्रपाल अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी गांव का ही कल्लू और उसका पिता कुंवरपाल रोड़ी की बुग्गी लेकर अपने घर जा रहे थे। बुग्गी का पहिया घर के बाहर बनी सीढि़यों पर चढ़ने पर उसके भाई ने बुग्गी निकालने से मना किया। तभी कुंवरपाल अपके बेटे मोहित के साथ जबरदस्ती बुग्गी निकालने लगा और उसके भाई इंद्रपाल के साथ गाली-गलौच की। सूरज और कल्लू ने फावड़े से इंद्रपाल के सिर पर हमला कर दिया, जिससे इंद्रपाल बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। उसकी अस्पताल लेकर जाते समय मौत हो गई। मुकदमे में पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या चार में हुई। जहां सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश विजय राजे सिसौदिया ने चारों पर दोषसिद्ध कर दिया और चारों को दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाने के आदेश दिये गये।