बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने गैर इरादतन हत्या में तंजीम और उसके पिता मुन्ने को 10-10 साल के कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड कि सजा सुनाई है।
थाना कोतवाली देहात के ग्राम उमरी निवासी महताब ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई शहबाज जानवरों की खरीद का काम करता है। उसके भाई से तंजीम उर्फ भूरे ने एक सप्ताह को कहकर भैंस ली थी। 23 जुलाई 2017 को 7:30 बजे शाम को शहबाज ने तंजीम से रुपये मांगे तो तंजीम व उसके पिता मुन्ने ने पैसा देने की बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। उसके भाई शहवाज पर हमलावर हो गए। भाई जान बचाने के लिए अपने घर में घुस आया तो पीछे-पीछे ये दोनों भी घर में घुस आए। उस पर जानलेवा हमला करते हुए शहबाज को गंभीर चोट पहुंचाई। गांव वालों ने शहबाज को बचाया। शहबाज को जब बिजनौर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, रास्ते में ही शहबाज की मौत हो गई। इस केस में अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने तंजीम एवं उसके पिता मुन्ने को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।