बागपत। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 41.38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू हो गया। जिससे शहर के दूषित पानी से खेतों में फसलों की सिंचाई की जाएगी और यमुना भी स्वच्छ बनेगी। जिसमें शहर के दूषित पानी को ट्रीटमेंट के बाद यमुना में प्रवाहित किया जा रहा है।
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत यमुना नदी स्वच्छ बनाने के लिए 41.38 करोड़ रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो गया है, जो अब टेस्टिंग लेवल पर है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 14 मिलीयन लीटर प्रतिदिन है। जिसका विधिवत शुभारंभ जल्द ही करने की तैयारी की जा रही है। प्रोजेक्ट के जेई मोहम्मद हारून ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शहर के चार बड़े नालों को सीवरेज लाइन से जोड़ा गया है। जिनकी क्षमता 8 से 11 मिलीयन लीटर प्रतिदिन है। उन्होंने बताया कि टेस्टिंग लेवल के दौरान ट्रीटमेंट प्लांट में रोजाना चार से पांच मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन साफ कर यमुना में छोड़ा जा रहा है।
दूषित पानी में गोबर और केमिकल की भरमार
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट के जेई मोहम्मद हारून ने बताया कि शहर से सीवरेज से आने वाले दूषित पानी में पशुओं के गोबर व केमिकल की भरमार है। इसके लिए नगर पालिका व अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
जल जीवों को मिलेगा जीवन
जेई मोहम्मद हारूण ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी साफ करने के बाद यमुना में प्रवाहित किया जा रहा है। जिससे यमुना के पानी में रहने वाले जलीय जीवों को नया जीवन मिलेगा।
कचरे से बनेगा खाद, खेती में होगा इस्तेमाल
शहर के दूषित पानी का ट्रीटमेंट होने के साथ उसमें आने वाला कचरा व अन्य गंदगी बाहर निकाली जा रही है। जेई मोहम्मद हारूण ने बताया कि रिसाइक्लीन पंप से दूषित पानी और उसमें आने वाली पॉलीथिन व अन्य गंदगी को अलग किया जाएगा। जिससे बाद में खेती में प्रयुक्त होने वाला खाद तैयार किया जाएगा, जो खेती में प्रयोग किया जा सकेगा।
इस तरह काम करेगा ट्रीटमेंट प्लांट
जेई मोहम्मद हारूण ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट में बनी प्राइमरी ट्रीटमेंट यूनिट में तीन जगह पर गंदगी अलग-अलग श्रेणी में साफ होगी। इनके अतिरिक्त एसबीआर में बैक्टीरिया पैदा होगी और पानी की गंदगी साफ होगी। साथ ही क्लोरिनेशनल प्लांट में शोधन प्रक्रिया के दौरान पानी में क्लोरीन मिलाई जाएगी।
10 डीओडी व 50 सीओडी तक साफ होगा पानी
जेई मोहम्मद हारूण ने बताया कि सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आने वाले दूषित पानी की बॉयोलोजिकल ऑक्सीजन डिमांड 300 से अधिक है, जबकि ट्रीटमेंट के बाद 10 की जा रही है। इसके अतिरिक्त दूषित पानी की केमिकल ऑक्सीजन डिमांड 600 से अधिक है, जबकि ट्रीटमेंट के बाद 50 की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री कर सकते हैं उद्घाटन
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के उद्घाटन के लिए बुलाया जाएगा। जिसके लिए उनसे बातचीत हुई और इसके लिए जल्द कार्यक्रम तय किया जाएगा।
बागपत के पुराना कस्बे स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित पानी का शोधन दिखाते जेई मोहम्मद हार?- फोटो : BAGHPAT
बागपत के पुराना कस्बे स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित व साफ पानी का सैंपल दिखाता हुए- फोटो : BAGHPAT