बड़ौत। जनता वैदिक महाविद्यालय के मैदान में बुधवार को किसान मेले का आयोजन किया। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन लेने सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सांसद सत्यपाल सिंह ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों को छोड़ जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, डीएम राजकमल यादव ने संयुक्त से किया। इस दौरान सांसद, डीएम ने मेले में लगी लगभग 40 से अधिक स्टॉल का जायजा लिया और स्टॉल पर दी गईं जानकारियों, सुविधाओं को बारीकी से समझा और सराहना की।
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय को दोगुना करने का जो संकल्प लिया हुआ है। कृषि वैज्ञानिक अरविंद चौधरी ने कहा कि रासायनिक खाद का उपयोग करने से जमीन बंजर हो रही है। रासायनिक कीटनाशक के उपयोग से बचना है। जैविक खाद, जैविक तरीके से जैसे गोमूत्र, लहसुन, नीम के पत्ती के काढ़ा बनाकर बीज उपचारित करें।
डॉ. एएस पंवार ने प्राकृतिक खेती में खेत की जुताई नहीं करते, बल्कि केंचुए की मदद लेते है। हम भी स्वस्थ रहेंगे। डॉ. बीएस तोमर ने गेहूं की कम लागत में अधिक उत्पादन की विधि बताई। उन्होंने गेहूं पीला रतुआ, माहू कीट की पहचान व उसके उपचार की जानकारी दी।
डॉ. यूएस तेवतिया, फसल क्रांति के डायरेक्टर राजवीर सिंह ने फसलों की बुवाई से पहले बीज शोधन एवं भूमि शोधन ट्राइकोडरमा व बेबिरिया बैसियाना से करने का सुझाव दिया। शाशिकांत भेंडे, डॉ. गजे सिंह ने कहा कि फसल चक्र, मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरक का प्रयोग करने का आह्वान किया।
किसान मेले के दौरान रागिनी का भी आयोजन किया था। मौके पर देशपाल चौधरी सुरेंद्र तोमर, डॉ. विवेक धामा, प्राचार्य डॉ. जय कुमार सरोहा, ऋतिक कुमार, डॉ. महक सिंह, राजवीर सिंह, ललित चौधरी, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, विक्रम राणा मौजूद रहे।
कृषि मेले में लगे कृषि यंत्रों को देखते बागपत सांसद डा सत्यपाल सिंह व डीएम राजकमल यादव- फोटो : BARAUT
जनता वैदिक कॉलेज के मैदान में आयोजित कृषि मेले में मोजूद लोग- फोटो : BARAUT
कृषि वैज्ञानिकों मेले में 17 फुट लंबा गन्ना लेकर पहुंचे कासिमपुर खेड़ी के किसान।- फोटो : BARAUT