बागपत। बारिश ने पहले किसानों की फसल को बर्बाद किया तो अब बारिश के कारण ही किसान बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिन खेतों में बारिश का पानी भर गया था और फसल बचाने के चक्कर में किसानों ने पानी के अंदर ही फसल काटी तो अधिकतर किसान बीमारी की चपेट में आ गए। जिनको बुखार के साथ गले व फेफड़ों में संक्रमण, त्वचा रोग की समस्या झेलनी पड़ रही है।
यहां लगातार कई दिन बारिश होने से गेहूं की फसल गिर गई थी तो सब्जी की फसल खराब हो गई थी। वहीं, सरसों का दाना गिरने से भी किसानों को नुकसान हुआ था और खेतों में पानी भी भर गया था। जिससे किसान भी बर्बादी की कगार पर पहुंच गए। किसानों ने नुकसान ज्यादा होता देखकर खेतों में पानी भरा होने के बावजूद फसल की कटाई शुरू कर दी। सिनौली, गौना, लहचौड़ा, बालैनी समेत कई गांवों के किसानों ने सरसों की फसल को पानी में घुसकर फसल काटना शुरू किया। पानी में घुसकर फसल काटने पर किसान बीमारी की चपेट में आ गए। जिसमें सिनौली गांव के रहने वाले कई किसानों के परिवार बुखार व संक्रमण की चपेट में हैं। जो सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने आ रहे हैं। वहां के रहने वाले संजय, सोनू, रवि, शिवम, बबीता समेत अन्य किसाान बीमार हो गए हैं।
- सरसों के पौधे की गलने लगी थी जड़
किसानों के अनुसार जिन सरसों के खेतों में पानी भर गया था। उनमें सरसों के पौधे की जड़ गलने लगी थी। ऐसे में पानी में घुसकर फसल को नहीं काटा जाता तो पूरी सरसों खराब हो जाती। जबकि फसल को काटने से कुछ फसल बचाने में किसान कामयाब रहे, लेकिन वह बीमारी की चपेट में आ गए।
- फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद
किसान रवि व संजय ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं का दाना काला हो गया है। उनके सरसों के खेत में पानी भरने के कारण फसल जड़ से गलने लगी थी। जो फसल बची हुई है, उसे बचाने के लिए जद्दोजहद की जा रही है। उन्होंने बताया कि पानी में घुसकर सरसो की फसल काटने के बाद वे बीमार हो गए, जबकि अभी गेहूं के खेत में भी पानी भरा हुआ है।
-वर्जन
- मौसम के कारण भी वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। यह भी जानकारी में आया है कि खेतों में फसल काटने वाले किसान भी बीमारियों की चपेट में आए हैं। जब खेत में कई दिन तक पानी भरा रहता है तो उसमें कीटाणु पैदा हो जाते हैं जो हाथ मुंह पर लगने से शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचाते है। इसलिए भी बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है और किसानों के बीमार होने का यही कारण है। किसानों को खेत में फसल काटते समय सावधानी बरतनी चाहिए। डाॅ. दिनेश कुमार, सीएमओ।