संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के ढाई साल बाद भी शिक्षकों के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा 2022 में किए गए मूल्यांकन का भी अभी तक एक लाख रुपये से अधिक का बकाया है। शिक्षक पारिश्रमिक की मांग को लेकर कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश है। इसके बावजूद पारिश्रमिक जारी नहीं किया जा रहा है।
बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करने के बाद शिक्षक पारिश्रमिक भुगतान के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों का 2022 का आठ लाख 51 हजार रुपये का पारिश्रमिक भुगतान बकाया है, जबकि अभी एक लाख 31 हजार रुपये का बकाया है। इसके अलावा विभाग की आरे से वर्ष 2020 में बोर्ड परीक्षा की जांची गई कॉपियों का पांच लाख से अधिक के पारिश्रमिक का भुगतान नही किया गया है। विभाग पर शिक्षकों का लगभग साढे़ छह लाख रुपये का बकाया है। पारिश्रमिक के भुगतान के लिए शिक्षक संघ भी कई बार मांग कर चुके है, मगर भुगतान न होने के कारण शिक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे है।
कई बार उठाई जा चुकी है मांग
-शिक्षकों के पारिश्रमिक के भुगतान के लिए कई बार जिला व शासन स्तर पर मांग की जा चुकी है। जल्द समाधान न होने पर संघ की आरे से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। -उमेश चौहान, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ
-शिक्षकों के पारिश्रमिक का तीन साल से भुगतान न होने से शिक्षक मूल्यांकन केंद्र और कार्यालयों के चक्कर लगा रहे है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - जयपाल शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य
-बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का तीन साल से भुगतान अटका पड़ा है। केंद्र की ओर से विभाग से शिक्षकों के भुगतान के लिए डिमांड भेजी गई है। - मुकेश राज शर्मा, प्रधानाचार्य श्री यमुना इंटर कालेज बागपत
-शासन स्तर पर शिक्षकों का साढ़े लाख रुपये मूल्यांकन के पारिश्रमिक का बकाया चल रहा है। बार-बार मांग के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है। - राजबीर सिंह, प्रधानाचार्य इंटरमीडिएट कालेज सरुरपुर कलां
वर्जन-
पारिश्रमिक का बकाया भुगतान शासन स्तर से किया जाएगा। जिला स्तर से शासन को पत्र भेजकर बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलने पर शिक्षकों के पारिश्रमिक का भुगतान कराया जाएगा। - रवींद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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