बागपत। मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में केंद्र के कर्मचारी कुपोषित बच्चों का रिकाॅर्ड नहीं दिखा सके तो वहां से ठीक होकर जाने वाले बच्चों की जानकारी भी बाद में नहीं लेने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। केंद्र के सभी रजिस्टर भी अधूरे मिले।
मंडलायुक्त को पोषण पुनर्वास केंद्र पर 11 बच्चे भर्ती मिले। वहां कर्मचारी बच्चों के अभिभावकों के खातों में ऑनलाइन रुपये भेजने का रिकाॅर्ड नहीं दिखा सके। रजिस्टर में बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नंबर दर्ज मिले। सरकार की ओर से बच्चों को मिलने वाली 990 रुपये की धनराशि भेजने का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एनआरसी रजिस्टर के डाटा का मिलान करने पर दीपांशु पुत्र सोनिया का रिकॉर्ड गलत मिला।
केंद्र के रजिस्टर में मरीजों की एंट्री और डिस्चार्ज के बाद का भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्रों या अन्य स्थानों से रेफर बच्चों की संख्या भी कम मिली। इसपर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और वहां व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
- बच्चे ठीक होने पर भी जानकारी लेने के निर्देश
मंडलायुक्त ने वार्ड में भर्ती दिव्या, नादरीन, अरहम के परिजनों से इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों को वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर और खाता नंबर दर्ज करने, उनके खातों में धनराशि स्थानांतरित करने का रिकार्ड दर्ज करने और ठीक होकर जाने वाले बच्चों का समय-समय पर फाॅलोअप करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक डॉक्टर राजेंद्र सिंह, सीएमओ डाॅ. तीरथ लाल, सीएमएस डाॅ. एसके चौधरी सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे।