छपरौली। क्षेत्र के गांव तिलवाड़ा स्थित श्री कृष्ण मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन हो गया। इस दौरान मंदिर में लक्ष्मी, नारायण, राम, सीता, कल्कि भगवान, शंकर, हनुमान और दुर्गा सहित नौ मूर्तियां स्थापित की गई। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया। प्राण प्रतिष्ठा एवं भंडारे में पांडिचेरी चेन्नई से पधारे स्वामी कोटेश्वरानन्द ने श्रद्धालुओं से कहा कि ईश्वर किसी व्यक्ति विशेष की धरोहर नहीं हैं। ईश्वर के नाम पर सभी का समान अधिकार है। अध्यात्म के बिना मनुष्य निर्जीव और निष्प्राण है। सनातन ईश्वर प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ मार्ग है। प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य पुरोहित आचार्य निरंजनाचार्य ने धर्म को परिभाषित करते हुए कहा जो धारण करने योग्य है, वह है धर्म। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मंदिर खोल दिया । पूर्व शिक्षा सचिव डॉ. आईपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, अनंग पाल आर्य, अभिषेक, हरिओम, तुषार दीक्षित, शामू, रामू, अनिल शर्मा, सत्यवीर, पूजा, आरती, उर्मिला देवी, मीनाक्षी, प्रीति, ओमकली उपस्थित रहे। संवाद