बागपत। गुजरात की कंपनी हवा से बिजली बनाने के लिए बागपत में प्लांट लगाएगी। इसके लिए वह आठ हजार करोड़ का निवेश करेगी और इसके लिए कंपनी ने एमओयू पर हस्ताक्षर भी कर लिया है। इस तरह एक ही कंपनी ने बागपत के निवेश को 17 हजार करोड़ से ऊपर पहुंचा दिया है। इस तरह से निवेश होने पर 50 हजार से ज्यादा के लिए रोजगार की संभावनाएं पैदा हो गई हैं।
बागपत में 24 जनवरी को इन्वेस्टर्स समिट तक 91 उद्यमियों ने 7096 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद भी निवेश करने के लिए उद्यमियों के लगातार प्रस्ताव मिलते रहे और यहां 10 फरवरी को निवेश कुंभ हुआ तो यह निवेश बढ़कर 9600 करोड़ हुआ। तब यह माना जा रहा था कि इस महीने में निवेश दस हजार करोड़ पार कर जाएगा और अगले महीने तक 12 हजार करोड़ के निवेश का दावा अधिकारी कर रहे थे। मगर गुजरात की कंपनी ओनिक्स स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने जिले में हवा से बिजली बनाने का प्लांट लगाने की इच्छा जताते हुए आठ हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया। जिससे निवेश 17 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया। इसका एमओयू होने पर प्रशासन भी काफी उत्साहित है। डीएम राजकमल यादव के अनुसार उम्मीद जताई जा रही है कि बागपत में अगले महीने तक निवेश 20 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है।
गुजरात की दो कंपनियों ने बागपत में निवेश को पंख लगाए
बागपत में निवेश को पंख लगाने में गुजरात की दो कंपनियों का अहम योगदान है। इनमें सबसे पहले अमूल ने यहां प्लांट लगाने की इच्छा जताई, जिसके लिए करीब 900 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। उसके लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। वहीं अब गुजरात की ओनिक्स कंपनी ने बागपत के निवेश को पंख लगा दिए हैं। इसके निवेश करने से जिले के विकास को पंख लगने की उम्मीद जताई जा रही है तो रोजगार की काफी राह भी खुलेगी।
उद्यमियों को जमीन दिलाने में मदद करेगा प्रशासन
बागपत में निवेश लगातार बढ़ता जा रहा है और उसके लिए सबसे पहली कड़ी जमीन की जरूरत है। इसको देखते हुए ही प्रशासन ने जमीन दिलाने के लिए उद्यमियों की मदद करने की बात कही है। जिला उद्योग विभाग की उपायुक्त अर्चना तिवारी ने बताया कि जल्द ही उद्यमियों व ऐसे किसानों की बैठक कराई जाएगी जो अपनी जमीन उद्योगों के लिए देने के लिए तैयार है। उनकी आमने-सामने बैठकर बातचीत होगी और उससे नई राह खुलेगी।
औद्योगिक पार्क के लिए पांच प्रस्ताव भी मिले
उपायुक्त अर्चना तिवारी ने बताया कि निवेश को देखते हुए जिले में औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रस्ताव मिले हैं। उद्यमी केवल फैक्टरी ही नहीं लगाना चाहते हैं, बल्कि औद्योगिक पार्क में निवेश करना चाहते हैं। उनके अनुसार अभी तक पांच प्रस्ताव मिले हैं, जो एक हजार करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव हैं। इससे उद्यमियों के लिए जमीन मिलने की परेशानी काफी दूर हो सकती है।
उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन
कलक्ट्रेट सभागार में रविवार को लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट के समापन का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इसके साथ ही उद्योग बंधुओं की बैठक की गई। उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को उठाया। डीएम राजकमल यादव ने सभी समस्याओं का निस्तारण कराने की बात कही। इसके साथ ही कहा कि उद्यमियों का कोई भी कार्य की फाइल किसी भी विभाग में लंबित नहीं होगी। अगर उनको किसी तरह की समस्या आती है तो वह उनके सामने रख सकते हैं। इस दौरान बागपत इंडस्ट्रीस एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गोस्मवामी, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बाबूराम शर्मा, डाॅ. योगेश जिंदल, मुकेश जैन, तरूण, पंकज जैन, रोबिन गोयल मौजूद रहे।