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Baghpat News: बागपत में विकास पर नहीं, दो वर्गों के मुद्दे पर चुनाव

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- दोनों वर्गों में वोटों का बिखराव रोकना रहती है प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मुख्यालय की नगर पालिका बागपत में आजतक कभी विकास या अन्य मुद्दे पर चुनाव नहीं हुआ। बल्कि यहां हमेशा दो वर्गों को मुद्दा बनाकर चुनाव होता रहा है। दोनों वर्गों में जिसने भी वोटों का बिखराव रोक लिया, वही नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो जाता है। हालांकि दोनों वर्गों के लिए वोटों का बिखराव रोकना बड़ी चुनौती है।
बागपत नगर पालिका का गठन आजादी से पहले वर्ष 1929 में हुआ था और उस समय चुनाव नहीं होते थे। सबसे पहले नवाब परिवार से मोहम्मद जमशेद अली खां को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया गया था। यहां वर्ष 1988 में पहली बार चुनाव हुए तो रोहताश गुप्ता को अध्यक्ष की कुर्सी मिली थी। उसके बाद से यहां दो वर्गों को मुद्दा बनाकर चुनाव होता रहा है और जिस वर्ग में ज्यादा बिखराव हो जाता है, उसको ही चुनाव में हार झेलनी पड़ती है। इस बार भी दो वर्गों को मुद्दा बनाकर चुनाव में प्रत्याशी उतरने की तैयारी कर रहे है। जिससे कांटेदार चुनाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसलिए ही पुलिस व प्रशासन की नजर भी यहां ज्यादा है।
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- वर्ष 2017 में दोनों वर्गों की वोटों में खूब बिखराव हुआ
वर्ष 2017 के चुनाव में बागपत नगर पालिका में हिंदू और मुस्लिम दोनों वर्गों की वोटों में खूब बिखराव हुआ। क्योंकि एक तरफ भाजपा से रणवीर चौहान चुनावी जंग में उतरे हुए थे और उनको सबसे ज्यादा नुकसान अन्नू जैन व संजय प्रजापति ने करीब साढ़े तीन हजार वोट लेकर पहुंचाया। जबकि चेयरमैन बने राजुद्दीन के अलावा मैदान में उतरे डाॅ. शराफत के कारण मुस्लिम वोटों में कुछ बिखराव हुआ। लेकिन राजुद्दीन को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सके। इस बार भी दोनों तरफ से कई लोग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है।
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- बागपत में इस तरह मतदाता
मुस्लिम-24000
राजपूत-4500
ब्राह्मण-3500
कश्यप-2500
दलित-2500
वैश्य-2000
जाट-800

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यहां तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायत है। इनमें वर्ष 2017 में अध्यक्ष के लिए 121 और सदस्यों के लिए 625 लोगों ने नामांकन किया था। लेकिन अध्यक्ष के लिए आए 15 नामांकन पत्र और सदस्य के छह नामांकन पत्र निरस्त हो गए थे। जबकि अध्यक्ष के सात नामांकन और सदस्य के 40 नामांकन वापस ले लिए गए थे। जिससे टीकरी नगर पंचायत में दो सदस्य निर्विरोध चुने गए थे। उसके बाद अध्यक्ष के लिए 99 और सदस्यों के लिए 579 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे।
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