ये उपकरण सिर्फ कानों को ही प्रभावित नहीं कर रहे, इनका असर मस्तिष्क पर भी हो रहा है। सिर दर्द, माइग्रेन की समस्या तो बढ़ ही रही है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना ऐसे दस से 15 मरीज पहुंच रहे है, जिन्हें इयरफोन का प्रयोग करने से परेशानी हो रही है। लोगों को इयरफोन का अधिक इस्तेमाल न करने की सलाह दी जा रही है।
इयर ड्रम को हो रही है क्षति
चिकित्सकों का कहना है कि कान के अंदर एक पर्दा होता है जिसे इयर ड्रम कहते हैं। इसमें कई बारीक नसें होती हैं, जो दिमाग से जुड़ी होती हैं। जब इयरफोन या हेडफोन लगाकर तेज आवाज सुनते हैं तो उसका कंपन दबाव के साथ ईयर ड्रम से टकराता है इससे उसे क्षति होती है। तुरंत इलाज न कराने पर तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।
कान में सीधे तेज आवाज जाने से नसों को नुकसान पहुंच रहा है जो दिमाग से सीधे जुड़ी होती हैं। इसकी वजह से माइग्रेन, सिर दर्द और चक्कर आने की समस्याएं बढ़ रही हैं। जो लोग पहले से चक्कर आने की समस्या से परेशान हैं, इयरफोन से उनकी समस्या और बढ़ती जा रही है। - डॉ़ सुनील कुमार, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ