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मध्यम आवाज में सुनें संगीत: इयरफोन बढ़ा रहा माइग्रेन और सिर दर्द की बीमारी, कमजोर हो रहीं दिमाग की नसें

Sat, 10 Aug 2024 09:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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इयरफोन से कानों को नुकसान - फोटो : Freepik.com
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बागपत। इयरफोन, हेडफोन और इयर बड्स का देर तक प्रयोग करने से माइग्रेन और सिर दर्द की बीमारी बढ़ रही है। देर तक गाने सुनने से तेज आवाज सीधे कानों के भीतर जाकर नसों को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस कारण से दिमाग की नसें भी कमजोर रहो रही हैं। किशाेर और युवा वर्ग इसका अधिक शिकार हो रहे हैं।
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नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव का कहना है कि कई मरीजों में टिन्निटस की समस्याएं भी देखने को मिली हैं, इसमें कानों में लगातार या रह-रह कर गूंजने की, सीटियां बजने, भिनभिनाने या फुफकारने की ध्वनियां सुनाई देती हैं।
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ये उपकरण सिर्फ कानों को ही प्रभावित नहीं कर रहे, इनका असर मस्तिष्क पर भी हो रहा है। सिर दर्द, माइग्रेन की समस्या तो बढ़ ही रही है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना ऐसे दस से 15 मरीज पहुंच रहे है, जिन्हें इयरफोन का प्रयोग करने से परेशानी हो रही है। लोगों को इयरफोन का अधिक इस्तेमाल न करने की सलाह दी जा रही है।
 
इयर ड्रम को हो रही है क्षति
चिकित्सकों का कहना है कि कान के अंदर एक पर्दा होता है जिसे इयर ड्रम कहते हैं। इसमें कई बारीक नसें होती हैं, जो दिमाग से जुड़ी होती हैं। जब इयरफोन या हेडफोन लगाकर तेज आवाज सुनते हैं तो उसका कंपन दबाव के साथ ईयर ड्रम से टकराता है इससे उसे क्षति होती है। तुरंत इलाज न कराने पर तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।
 
कान में सीधे तेज आवाज जाने से नसों को नुकसान पहुंच रहा है जो दिमाग से सीधे जुड़ी होती हैं। इसकी वजह से माइग्रेन, सिर दर्द और चक्कर आने की समस्याएं बढ़ रही हैं। जो लोग पहले से चक्कर आने की समस्या से परेशान हैं, इयरफोन से उनकी समस्या और बढ़ती जा रही है। - डॉ़ सुनील कुमार, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ
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