बागपत। यमुना नदी का जलस्तर घटने पर किनारों पर मिट्टी कटान शुरू हो गया। जिसके चलते मंगलवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने शबगा गांव में यमुना किनारे पहुंचकर निरीक्षण किया और कटान रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने किसानों से किनारों पर न जाने की अपील भी की।
पहाड़ों पर बारिश के चलते हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। जिससे जिले में यमुना नदी किनारे खेतों में खड़ी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। जिले में सैंकड़ों किसान यमुना में आई बाढ़ से प्रभावित हो गए। अब दो दिन से यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है। जिससे किसानों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली। उधर यमुना का जलस्तर घटने से किनारों पर मिट्टी कटान भी शुरू हो गया। जिसको लेकर अधिकारी भी अलर्ट हो गये और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह निरीक्षण करने के लिए शबगा गांव में यमुना किनारे पहुंचे। उन्होंने यमुना का निरीक्षण कर किसानों से वार्ता की। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अगले साल बाढ़ आने से पहले प्रस्ताव बनाकर मिट्टी कटान रोकने के लिए काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम बड़ौत सुभाष सिंह, बीडीओ ज्योति बाला, अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज समेत अन्य मौजूद रहे।
हिंडन का जलस्तर घटा तो पहुंचे राजस्व अधिकारी
हिंडन नदी का जलस्तर घटने पर राजस्व विभाग की टीम फसलों में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए खेतों में पहुंची। जहां राजस्व विभाग की टीम ने सरफाबाद, ललियाना, गढ़ी कलंजरी समेत कई गांवों में पहुंचकर किसानों से वार्ता की और नुकसान की जानकारी ली। उधर जवाहर नवोदय विद्यालय से भी पानी निकाला गया।