संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने बड़का गांव में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में किसानों को सहजन की खेेती करने के लिए प्रेरित किया।
खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डा. सरिता जोशी ने किसानों को बताया कि सहजन की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा है। सहजन की खेती दक्षिण भारत के साथ देश भर में की जाने लगी है। बंजर भूमि में सहजन आसानी से पैदा हो जाता है। सहजन पशुओं के चारे में भी प्रयोग किया जाता है। सहजन में लगभग 30 प्रतिशत प्रोटीन व तीन प्रतिशत तेल के अलावा फोलिक एसिड, विटामिन बी और एंटीआक्सीडेप्टस भी प्रचुर मात्रा मेें होते है। यह हृदय संबंधी एसीडिटी और अल्सर जैसी बीमारियों में भी प्रभावी दवाई का काम करता है। कृषि विज्ञान केन्द्र की पशुधन वैज्ञानिक डा. सोनिका ग्रेवाल ने शिकोहपुर गांव में पशुपालकों को पशुओं में होेने वाली बीमारियों और उनसे बचाव की जानकारी दी। पादप सुरक्षा सलाहकार डा. शिवम कुमार ने किसानों को धान, गन्ने में होने वाले रोग और उनकी रोकथाम के बारे में जानकारी देने के साथ ही खरीफ अभियान के तहत बीज शोधन और मृदा परीक्षण कराने की सलाह दी। इस दौरान राममेहर, सतपाल, इंद्रपाल, महेश, राजेश कुमार, महेंद्र, प्रदीप, जितेंद्र कुमार, मोहन, देवेंद्र, जयसिंह, महक सिंह आदि किसान मौजूद रहे।