सीसीएसयू लाइब्रेरी में पाए गए नशे के इंजेक्शन
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ और नशामुक्त बनाने के दावों की भी पोल खुल गई है। विश्वविद्यालय के ज्ञान केंद्र राजा महेंद्र प्रताप केंद्रीय पुस्तकालय के टॉयलेट में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की इस्तेमाल की गई सिरिंजें बिखरी पड़ी मिली हैं। हालात इतने खराब हैं कि लाइब्रेरी के अलावा तपोवन क्षेत्र के आसपास भी बड़ी संख्या में ये प्रतिबंधित इंजेक्शन की सिरिंज देखी गई है। इससे प्रशासनिक दफ्तरों से चंद कदम दूर लाइब्रेरी के टॉयलेट में नशीले इंजेक्शन की सिरिंज मिलने से सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर छात्रों में नाराजगी है। छात्र नेता विनीत चपराना ने इसे विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला मामला बताया है। उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर भारी बजट खर्च होने के बावजूद संवेदनशील इलाकों में निगरानी नहीं हो रही है। उन्होंने इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की आवाज उठाई है। इसी तरह छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना का कहना है कि प्रशासन के नशामुक्ति के दावे सिर्फ विज्ञापनों और फोटो सेशन तक सीमित हैं। प्रशासनिक दफ्तरों के इतने करीब नशीले इंजेक्शनों का मिलना असामाजिक तत्वों के बढ़ते जमावड़े को दर्शाता है। उन्होंने पूरे परिसर में नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता के लिए चेतावनी पोस्टर लगाने का आग्रह किया है।