बागपत। एडीएम से स्टांप चोरी का मामला निपटवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने वाले उनकी गाड़ी के प्राइवेट चालक पर मुकदमा दर्ज किया गया है। स्टांप चोरी की साढ़े छह लाख की रिकवरी का मामला निपटवाने को यह रुपये लिए गए थे। मामला नहीं निपटने पर डीएम के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
बागपत में शुगर मिल काॅलोनी में रहने वाले हरेंद्र सिंह ने दो बीघा खेती की जमीन कई साल पहले खरीदी थी। उसकी स्टांप चोरी की साढ़े छह लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस उनको मई 2023 में मिला तो वह उसको लेकर एडीएम कार्यालय में पहुंचे। हरेंद्र ने आरोप लगाया कि वहां उनको नौशाद नाम का व्यक्ति मिला, जिसने खुद को एडीएम का पेशकार बताया। उसने तीन लाख रुपये में रिकवरी खत्म कराने की बात कही। जिसपर 28 जून को दो लाख 60 हजार हजार उसे कलक्ट्रेट में दिए गए और तीन जुलाई को 40 हजार रुपये नवाब कोकब हमीद की हवेली में दिए गए।
उसके बाद भी रिकवरी खत्म नहीं हुई तो हरेंद्र ने अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन उसके रुपये वापस नहीं दिए गए। जिसके बाद उसे पता चला कि नौशाद पेशकार नहीं है, बल्कि एडीएम की गाड़ी पर प्राइवेट चालक है। रुपये वापस नहीं मिलने पर हरेंद्र ने डीएम के पास शिकायत की तो डीएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने एडीएम की गाड़ी के प्राइवेट चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
- कलक्ट्रेट में चल रहा था रिश्वत के लेनदेन का खेल
यह मुकदमा दर्ज होने के बाद साफ हो गया है कि कलक्ट्रेट में पंद्रह दिन पहले तक भी रिश्वत के लेनदेन का खेल चल रहा था। रिकवरी तक खत्म कराने के लिए अधिकारियों के नाम पर रुपये लिए जा रहे थे। अब यह जांच में साफ होगा कि इस मामले में अधिकारियों को पहले जानकारी हुई थी या नहीं। पुलिस इस पहलू पर भी जांच करेगी।