रटौल। ललियाना गांव में पेयजल लाइन का काम पूरा न होने के कारण एक साल बाद भी टंकी शुरु नहीं हुई है। गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों को नलकूप से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांव में एक साल पहले पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया था। मगर एक साल बीतने के बाद भी गांव में पेयजल लाइन नहीं बिछवाई गई है। गांव के अधिकांश सरकारी हैंडपंप ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। गांव की मुस्लिम बस्ती का हैंडपंप कई साल से खराब पड़ा है। लोगों को खेतों में लगे नलकूप से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
- मोहल्ले का हैंडपंप तीन साल से खराब पड़ा है। गर्मी में नलकूप से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। -वरीशा
- गांव में पीने के पानी की समस्या है। एक साल से टंकी शुरू नहीं हुई है और हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -अनवार अली
- गांव में एक साल बाद भी पेयजल लाइन बिछाने का कार्य अधूरा पड़ा है। गर्मी अधिक होने के कारण नलकूप से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। -फिरदोश
- मोहल्ले के अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं और जो चल रहे उनका पानी पीने लायक नहीं है। गर्मी में खेतों के नलकूपों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। -रियाजुद्दीन
-एक साल से टंकी बनकर तैयार है। अभी तक गांव में लाइन का कार्य नहीं हुआ है। गांव के करीब 30 हैंडपंप खराब पड़े हैं। अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। -मुकेश देवी, ग्राम प्रधान
वर्जन-
पेयजल लाइन बिछा दी गई है,प्रेशर की समस्या के कारण पानी नहीं पहुंच रहा है, जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।- एक्सईएन अमित वर्मा