बागपत। गांवों में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए तीन साल पहले शुरू की गई पेयजल परियोजनाओं को जल निगम पर समय पर पूरा नहीं हो पाई। जल निगम के अधिकारी बजट न मिलने के कारण कार्य बंद होने की बात कह रहे हैं, लेकिन बजट जारी कराने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।
तुगाना गांव के अनुज शर्मा ने बताया कि उनके यहां दो साल पहले पेयजल योजना के तहत टंकी निर्माण शुरू हुआ था। लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। जबकि गांव में पानी की समस्या है। वहीं दौलतपुर गांव के पूर्व प्रधान मकसूद अली ने बताया कि दो साल पहले गांव में पानी की समस्या को देखते हुए पेयजल योजना मंजूर जरूर हुई। इसके बावजूद वह अभी तक पूरी नहीं होने से लोग परेशान ही रहते हैं।
केस एक
-रठौड़ा गांव में दो करोड़ 66 लाख रुपये की पेयजल परियोजना जनवरी 2019 में स्वीकृत की गई थी। एक करोड़ 33 लाख रुपये का बजट अभी तक मिला है। इसको जून 2022 में पूरा किया जाना था, अभी तक 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
केस दो
-तुगाना में दो करोड़ 90 लाख रुपये की परियोजना को दिसंबर 2021 में मंजूरी मिली थी। अभी तक कोई धनराशि नहीं मिली है और ठेकेदार से 22 प्रतिशत कार्य कराने का दावा किया है। मार्च 2023 में इसे पूरा किया जाना है, लेकिन बजट नहीं मिला है।
केस तीन
नंगला रवा गांव में एक करोड़ 17 लाख की पेयजल योजना दिसंबर 2021 में मंजूर होने के बाद अभी तक कोई धनराशि नहीं मिली है। इसको भी मार्च 2023 में पूरा कराना है, लेकिन 11 प्रतिशत काम होने पर यह लटक गई।
केस चार
दौलतपुर गांव में एक करोड़ रुपये की पेयजल योजना दिसंबर 2021 में मंजूर होने पर अभी तक कोई पैसा नहीं मिला है। ठेकेदार से 22 प्रतिशत कार्य कराने का दावा किया जा रहा है और यह भी अटकी पड़ी है।
-गांवों में पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए बजट नहीं मिल रहा है। पिछले काफी वक्त से योजनाएं अटकी पड़ी हैं। अब बजट का इंतजार है और बजट मिलने पर योजनाओं को पूरा कराया जाएगा। माधव मुकुंद, सहायक अभियंता जल निगम