- सिनौली से बावली तक बनाया गया था 400 मीटर का नाला
- ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाया घटिया सामग्री लगाने का आरोप
- डीएम से हस्तक्षेप कर उठाई ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सिनौली से बावली गांव तक पानी निकासी के लिए 18 लाख रुपयों की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। रविवार को ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ हंगामा किया। विभागीय अफसरों पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए डीएम से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि सिनौली से बावली गांव तक पानी निकासी के लिए पहले कच्चा नाला था, जो काफी पुराना होने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिला पंचायत सदस्य विनय बावली ने डीएम व अन्य अधिकारियों से मिलकर 400 मीटर पक्का नाला निर्माण कराना प्रस्तावित कराया। जिसके बाद 400 मीटर नाला निर्माण के लिए लगभग 18 लाख की धनराशि स्वीकृत हो गई। लगभग 10 से 15 दिन पहले ही नाला का निर्माण कार्य शुरू कराया था, अब तक 350 मीटर नाला बना है, 50 मीटर नाला निर्माण होना है।
आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण नाला टूटने लगा है और तिरछा भी होने लगा है। विरोध किया तो ठेकेदार अभद्रता करने लगा। ग्रामीणों ने ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत कर घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया। डीएम से हस्तक्षेप कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उधर अवर अभियंता रोहित कुमार का कहना है कि ग्रामीणों ने ठेकेदार पर घटिया सामग्री लगाने की शिकायत की है। मौके पर जाकर जांच की जाएगी। जब तक नाला का सही ढंग से निर्माण नहीं होगा, तब तक ठेकेदार का भुगतान नहीं दिया जाएगा। मौके पर जसवीर, राजकुमार, वेदपाल, अनिल, सुनील, संजीव, आकाश, प्रदीप शामिल रहे।