बड़ौत। जनपद बागपत में एक बार फिर हत्या का बदला लेने के लिए हत्या कर दी गई। वाजिदपुर गांव में धीरज की हत्या भी सन्नी हत्याकांड को लेकर की गई है। इससे पहले भी जनपद में तमाम ऐसी हत्याएं हो चुकी हैं। जिसमें किसी ने अपने पिता व बहन, तो किसी ने अपने भाईयों की हत्या का बदला लेने के लिए हत्याएं की। हैरानी की बात यह है कि इन हत्याओं का बदला लेने के लिए किसी ने 3 से 4 साल तो किसी ने 18 साल का लंबा इंतजार करने के बाद हत्याएं की।
बहन ने लिया था दो भाइयों की हत्या का बदला, तहेरे भाई को उतारा मौत के घाट
बड़ौत। धनौरा सिल्वरनगर में वर्ष 2017 में परिवार में पहले से चली आ रही रंजिश के चलते नीटू के परिवार के दो सगे भाई अंकित और गौरव की हत्या कर दी गई थी। अंकित का शव पेड़ पर लटका मिला था,जबकि गौरव की गला रेतकर हत्या की गई थी। इन हत्याओं के बाद आरोपी नीटू बड़ौत में अपनी बहन के यहां पर रहने लगा था। वर्ष 2019 को जब नीटू उर्फ सत्यपाल (40 वर्ष) किसी काम से धनौरा सिल्वर नगर आया था, तो मृतक अंकित व गौरव की बहन ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर नीटू की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पिता की हत्या का बदला लेने के लिए 18 साल बाद की थी जसवीर की हत्या
बड़ौत। 10 दिसंबर 2023 काे महावतपुर गांव के जसवीर की हत्या गांव के ही प्रमोद हत्याकांड का बदला लेने के लिए की गई थी। मृतक प्रमोद के बेटे ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद अपने दो साथियों के साथ मिलकर जसवीर को तीन गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था। जिस समय प्रमोद की हत्या हुई थी, उस समय उसका बेटा अभिषेक उर्फ सन्नी मात्र छह साल का था।
बहन की हत्या का बदला लेने के लिए कर दी थी हत्या
बड़ौत। मई 2021 को कासिमपुर खेड़ी गांव निवासी विजय के छोटे भाई विनय ने दो माह पहले एकतरफा प्यार में कपिल की बहन अर्चना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विजय अपने भाई कपिल के मुकदमे की पैरवी कर रह था। इसी हत्या का बदला लेने के लिए 12 जुलाई की शाम कपिल ने अपने भाई जॉनी के साथ मिलकर बहन की हत्या का बदला लेने के लिए विजय को शराब पिलाई और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
पप्पन हत्याकांड का बदला लेने के लिए राशिद को उतारा मौत के घाट
बड़ौत। 13 जनवरी 2021 को बड़ौत में बिनौली रेलवे क्रांसिग के पास दिनदहाड़े युवक राशिद निवासी दाहा को मौत के घाट इसलिए उतार दिया था, क्योंकि वर्ष 2018 में दाहा गांव में राशिद ने गांव के ही पप्पन पुत्र यासीन की अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में मृतक के पिता यासीन ने यूसुफ, राशिद, हाशिम, कासिम, इरशाद के खिलाफ दोघट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पप्पन हत्याकांड का बदला लेने के लिए राशिद की हत्या कर दी गई थी। ये तो मात्र चार उदाहरण है। जनपद में तमाम ऐसी हत्याएं हो चुकी है, जिनमें केवल हत्याओं का बदला लेने के लिए हत्याएं की गई है।