बागपत। जिला अस्पताल में मंगलवार को प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी रक्तदान शिविर और सफाई कर्मियों के लिए लगे स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करने पहुंचे। मंत्री के कार्यक्रम में ओपीडी करने वाले ही चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई। जिससे तीन दिन बाद अस्पताल खुलने पर पहुंचे सबसे ज्यादा 1500 मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं खून की जांच कराने भी 150 से ज्यादा लोग पहुंचे, जिनको वहां पूरा दिन रहना पड़ा।
- ओपीडी कक्षों के बाहर लगा रहा कैंप ड्यूटी का बोर्ड
जिला अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों के कक्षों के बाहर कैंप ड्यूटी का बोर्ड लगा रहा और ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। क्योंकि सफाई कर्मियों की जांच को लगे शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, एक फिजीशियन व एक ईब्टी विकित्सक की ड्यूटी लगा दी गई जो ओपीडी में ड्यूटी करते है। यह भी उस स्थिति में किया गया, जब तीन दिन बाद अस्पताल खुला और भीड़ होने का हर किसी को पता था। ऐसे में सीएचसी के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर स्थिति को ठीक किया जा सकता है। ओपीडी के कक्ष खाली रहने के कारण मरीजों को छोटी बीमारियों के लिए भी घंटों तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
- फिजीशियन कक्ष के बाहर रही सबसे अधिक भीड़
मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोग वायरल की चपेट में आ रहे है। लोगों को बुखार के साथ गले का संक्रमण और खांसी परेशान कर रही है। मंगलवार को सबसे अधिक भीड़ फिजिशियन कक्ष के बाहर लगी रही। मरीजों को जांच कराने के लिए तीन घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
- खून की जांच कराने के लिए भी करना पड़ा इंतजार
जिला अस्पताल तीन दिन की छुट्टी के बाद खुला तो मंगलवार को खून की जांच कराने के लिए भी 150 से अधिक लोग लैब में पहुंचे। रक्तदान शिविर होने के कारण लैब में कर्मचारियों की कमी रही। जिससे वहां भी लोगों को पहले नमूना देने और फिर रिपोर्ट लेने के लिए लाइन में लगने के लिए विवश होना पड़ा। वहां अधिकतर को रिपोर्ट लेने के लिए अगले दिन आने की बात कहकर वापस भेजा गया।
- आंखों के मरीज व मनोरोगी वापस भेजे गए
नेत्र रोग विशेषज्ञ व मानसिक रोग विशेषज्ञ भी शिविर में होने के कारण अन्य कोई चिकित्सक वहां मरीज देखने के लिए नहीं था। फिजिशियन की जगह मरीजों को अन्य चिकित्सकों ने देख लिया। मगर आंखों के मरीज व मनोरोगियों को बिना जांच के वापस भेजना पड़ा।
- जिला अस्पताल में आंख की जांच कराने के लिए आया था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी चिकित्सक नहीं आए। पता चला है कि चिकित्सक कैंप में गए है। जांच कराने के लिए कल आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। - रामपाल, इदरीशपुर
- कई दिन से तबीयत खराब चल रही थी। मंगलवार को अस्पताल में जांच कराने के लिए आया था। पहले काफी देर तक पंजीकरण कराने के लिए लाइन में इंतजार करना पड़ा, यहां आकर पता चला है कि चिकित्सक कैंप में गए है। - मुस्तकीम
- कई दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार को अस्पताल में दवा लेने के लिए आई थी। यहां भीड़ अधिक हाेने के कारण काफी देर तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक कम होने के कारण परेशानी हुई। - रेशमा, लोनी
- वर्जन - जिला अस्पताल में मंगलवार को रक्तदान शिविर और सफाई कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। चार चिकित्सकों की ड्यूटी स्वास्थ्य शिविर में लगाई गई थी। तीन दिन बाद अस्पताल खुलने के कारण मंगलवार को अस्पताल में भीड़ अधिक थी और 1500 तक ओपीडी हुई है। इस कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई। - डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस