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बोनस नहीं दिए जाने से बेरंग रही दिवाली, जताई नाराजगी

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मलकपुर चीनी मिल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : BARAUT
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बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में चल रहा कर्मचारियों का धरना बृहस्पतिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। मिल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को बहाल न कि ए जाने को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं इस बार दिवाली का बोनस न दिए त्योहार भी बेरंग रहा।
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दरअसल, चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी जो बृहस्पतिवार को 15वें दिन भी जारी रही। इस बीच यूनियन के चार सदस्यों को मिल प्रबंधन द्वारा हटा दिया गया था, जिनकी बहाली भी अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं दीपावली पर किसी भी कर्मचारी को बोनस तक नहीं दिया गया। इस कारण सभी के त्योहार बेरंग रहे। इस बात को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इसको लेकर प्रदर्शन भी किया। कर्मचारियों का कहना था कि कर्मचारियों और मिल प्रबंधन के बीच एक समझौता हुआ था जिसका पालन नहीं हुआ है। यहीं कारण है कि फिर से मिल कर्मचारियों ने हड़ताल करने को मजबूर हुए। कर्मचारियों का आरोप था कि जो समझौता हुआ था, उसके तहत एक भी मांग को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि अगस्त माह का वेतन, वेतन वृद्धि एरियर के साथ दिया जाएगा, लेकिन मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। इतना ही नहीं तानाशाही रवैया अपनाते हुए पांच से 10 साल पुराने लगभग 50-60 कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत डाल दिया गया जोकि लेबर कानून का उल्लंघन है। इसके अलावा मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों पर किए गए मुकदमों को वापस लेने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं किया गया है। प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों में यूनियन के अध्यक्ष नटवर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, मोहन कुमार, हरिमोहन, बलराम, सूरजबली आदि 400 कर्मचारी मौजूद रहे।
उधर, मिल अध्याशी विपिन चौधरी ने बताया कि हड़ताली कर्मचारी बृहस्पतिवार को हड़ताल से वापस लौट आए हैं और काम शुरू कर दिया है। आश्वासन दिया कि उनकी रोजी-रोटी का ध्यान रखा जाएगा। उधर यूनियन के अध्यक्ष नटवर सिंह व महामंत्री रविन्द्र सिंह ने बताया कि हड़ताल से कुछ कर्मचारी मिल में काम करने के लिए चले गए हैं। अभी हड़ताल जारी है।
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