बागपत की बड़ौत पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर आशा के पद पर भर्ती होने की आरोपी महिला रीना को गिरफ्तार किया है।
एक माह पूर्व सीएमओ के आदेश पर सीएचसी अधीक्षक मुकेश कुमार उपाध्याय ने आशा पद पर तैनात रीना पुत्री उमेश पाल अलावलपुर के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी कि आशा की 2016 की भर्ती में वह ट्यौढ़ी गांव की लड़की की मार्कशीट पर अपना नाम धोखाधड़ी से लिखकर पास हो गई थी। इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की गई तो जांच की गई। इस दौरान भर्ती के दौरान लगाई गई मार्कशीट फर्जी पाई गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एक माह से यह मामला पुलिस की पड़ताल में था। पुलिस ने शनिवार को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। रीना आशा संगठन की जिलाध्यक्ष पद पर भी थी। इस पद पर रहते हुए उसने आशाओं के आंदोलन का नेतृत्व भी किया था।