बागपत। जिला जाट सभा में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद हो गया है। जहां डॉ. महावीर सिंह ने खुद के अध्यक्ष होने का दावा किया है, वहीं डॉ. शालिनी ने दावा किया है कि 12 जून को आम सभा में खुद के अध्यक्ष चुना गया था। इसको लेकर ही अब डॉ. महावीर सिंह ने जल्द आम सभा बुलाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही जाट सभा की सदस्यता शुल्क की दो रसीद बुक भी जमा नहीं होने के कारण फर्जी सदस्य बनाए जाने की आशंका जताई गई हैं।
जिला जाट सभा के डॉ. महावीर सिंह को पिछली बार अध्यक्ष चुना गया था। जिनका कार्यकाल इस साल के शुरूआत में पूरा होने के कारण 12 जून को अध्यक्ष चुनने के लिए आम सभा बुलाई गई थी। अध्यक्ष के लिए कई नाम सामने आने पर हंगामा हो गया था। जाट सभा के कुछ सदस्य आम सभा छोड़कर चले गए थे। उसके बाद डॉ. शालिनी राकेश को अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इसको लेकर तब कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए थे, लेकिन अब डॉ. महावीर सिंह व अन्य कई खुलकर सामने आ गए हैं।
डॉ. महावीर सिंह ने रविवार को बैठक करके कहा कि जिला जाट सभा का अभी कोई अध्यक्ष नहीं चुना गया है, इसलिए अभी वही अध्यक्ष हैं। उन्होंने जल्द ही संरक्षक सदस्यों से विचार विमर्श करके आम सभा बुलाकर चुनाव कराने की बात कही है।
जाट सभा के करीब दो हजार सदस्य, पहली सभा में 400 होने जरूरी
जिला जाट सभा के करीब दो हजार सदस्य हैं। नियमों के अनुसार चुनाव के लिए होने वाली पहली आम सभा में 20 प्रतिशत करीब 400 सदस्य होने जरूरी हैं। अगर उसमें पदाधिकारियों का चुनाव नहीं होता है, तो अगली आम सभा बुलाई जाएगी और उसमें इस तरह 20 प्रतिशत का कोरम पूरा हुए बिना ही चुनाव कराया जा सकता है। डॉ. महावीर सिंह ने दावा किया है कि 12 जून की आम सभा में केवल 116 सदस्य थे और उसमें कोरम भी पूरा नहीं हुआ।
सदस्यता रसीद बुक को लेकर भी विवाद
जिला जाट सभा के सदस्य बनाने के लिए दो पदाधिकारियों के पास काफी पहले से सदस्यता रसीद बुक है। इसको लेकर ही आशंका जताई गई है कि अब रसीद काटकर नए सदस्य बनाए जा सकते हैं और इसको लेकर विवाद बढ़ सकता है।
कोट...
- चुनाव के लिए 12 जून को आम सभा बुलाई गई थी। जहां विवाद हो गया था और चुनाव नहीं हो सका था। अब कोई खुद को अध्यक्ष बताता है तो वह गलत है। आम सभा जल्द बुलाकर चुनाव कराया जाएगा। - डॉ. महावीर सिंह
आम सभा में अध्यक्ष चुना गया है और मेरे पास जिला जाट सभा का जनमत है। हमारी कार्यकारिणी भी घोषित हो चुकी है। चुनाव नहीं होने का आरोप लगाने वाले डॉ. महावीर सिंह ने जाट सभा का 22 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद भी उसे रिन्यू तक नहीं कराया। वह केवल जाट सभा पर कब्जा करना चाहते है, इसलिए इस तरह की निराधार बात कर रहे है। - डॉ. शालिनी राकेश