बड़ौत। सिनौली से बावली गांव तक पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले के क्षतिग्रस्त होने के मामले में अधिकारियों ने विभागीय जांच बैठा दी है। ठेकेदार का भुगतान रोकने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
सिनौली से बावली गांव तक पानी निकासी के लिए नाला निर्माण शुरू हुआ था। जिला पंचायत द्वारा 400 मीटर पक्का नाला निर्माण कराना प्रस्तावित कराया। इस 400 मीटर नाला निर्माण के लिए लगभग 18 लाख रुपयों की धनराशि स्वीकृत की गई। अब तक 350 मीटर नाला बनकर तैयार हो चुका है और केवल 50 मीटर नाला निर्माण होना है। मगर 10 दिन के भीतर ही यह नाला ढह गया।
आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण नाला टूटने लगा है और तिरछा भी होने लगा है। ग्रामीणों ने ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत कर घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया तो विभागीय जांच बैठ गई। अवर अभियंता रोहित कुमार का कहना है कि ठेकेदार का भुगतान रोक दिया है। इस मामले में जांच भी शुरू कर दी गई है।