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खेकड़ा। क्षेत्र के जंगल में तीन माह से मीतली रजवाहे की पटरी टूटी पड़ी है, जिसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग ने अभी तक टूटी पटरी की मरम्मत नहीं कराई है।
आक्रोशित किसानों ने उपजिलाधिकारी से टूटी पटरी की मरम्मत कराए जाने की मांग की। खेकड़ा से होकर जा रहे मीतली रहजवाहे से खेकड़ा, बसी, फखरपुर, सुन्हैड़ा, नानू आदि गांवों के किसानों की फसलों की सिंचाई होती थी। पिछले एक दशक से खेकड़ा से आगे इसका अस्तित्व समाप्त बना हुआ है। कई जगह पर तो यह भूमि के समतल भी बना हुआ है। खेकड़ा में बड़ागांव मार्ग तक ही इसमें पानी आता है। तीन माह पहले बसी गांव की ओर खेकड़ा के जंगल में रहजवाहे की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई थी। टूटी पटरी पर कई बार ट्रक, ट्रैक्टर आदि वाहन भी पलट चुके हैं। मगर सिंचाई विभाग के अधिकारियो ने न तो रहजवाहे की सफाई कराई और न ही इसकी मरम्म्त कराई। अनेको बार पानी छोड़े जाने से किसानों धर्मबीर सिंह, प्रवेश धामा, तेजपाल सिंह, बिटटू, संदीप, राजपाल आदि की सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। इससे किसानों में आक्रोश है। किसानों ने एसडीएम से रजवाहे की टूटी पटरी की मरम्मत कराए जाने की मांग की है। उधर, एसडीएम ज्योति शर्मा का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।