खेकडा। भैयादूज पर्व पर मोहल्ला रामपुर स्थित लोक साहित्य संस्कृति समिति के कार्यालय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कवि दीपक कुमार ने ‘प्यार मोहब्बत की बातें झूठ दिखाई देती है, हर आंगन में अब दीवार दिखाई देती है’, कवि अशोक धामा ने ‘उनकी हर रात गुजरती है दीपावली की तरह, मैने एक दीप जलाया तो बुरा मान लिया’, कवि योगेंद्र सुंद्रियाल ने ‘भीड़ लगी बाजारों में पटाखे खरीद रहे, महंगाई बढ़ गई इतनी सब्जियां आंसू निकाल रहे’। कवि गजेंद्र गजानन ने ‘कितनी बार मरे हो तुम कितनी बार मरे है हम, किस किसने बांटी कितनी खुशियां कितने गम’ सुनाकर वाहवाही लूटी। इसके अलावा कवि जगवीर शर्मा ने ‘बहन की खातिर रावण सर्वस्व लूटा बैठे, कौन सुरक्षा करे बहनों की घर घर आज दुशासन बैठे’, कवि अनुपम ने ‘नेता जी ने राष्ट्र पिता से किए प्रश्र हजार, आजादी की खुशहाली पर ये कैसे प्रहार’, कवि अजय तोमर ने ‘दीपावली, गोवर्धन, भैयादूज संस्कृति में बहुत जरूरी है, भाई बहन का प्यार जगत में रहना बहुत जरूरी है’ और कवि संदीप कुमार ने ‘देश में ना हो लड़ाई, राम रहीम दोनों भाई, राम राज जैसा यहां राज बनाओ मिलकर सभी भाई’ सुनाकर सुर्खियां बटोरी। इस मौके पर कवि और श्रोता मौजूद रहे।