डीएपी वितरण के लिए संचालित हैं जिले में 62 सहकारी समितियां
किसान बोले, जल्द सप्लाई नहीं बढ़ाई तो गेहूं की बुआई करने में होगी परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गेहूं की बुआई का सीजन नजदीक है। सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं होने पर किसानों को किल्लत का सामना करना पड़ेगा। उधर, किसानों का कहना है कि शासन जल्द सप्लाई बढ़ाए, नहीं तो गेहूं की बुआई में परेशानी आएगी।
गेहूं की बुआई के दौरान इस्तेमाल होने वाले डीएपी व अन्य खाद के वितरण के लिए जिले में को-आपरेटिव विभाग व जिला कृषि विभाग की तरफ से 62 सहकारी समितियां संचालित हैं। यहां से क्षेत्र के किसानों को डीएपी व अन्य उर्वरक वितरित किए जाते हैं। जिसके लिए हाल ही में शासन से को-आपरेटिव विभाग से संचालित 36 गन्ना समितियों पर वितरण करने के लिए 700 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि अभी तक बड़ौत क्षेत्र की अधिकतर समितियों पर डीएपी वितरण नहीं किया जा सका। इसके चलते सहकारी समितियों पर डीएपी लेने के लिए पहुंचने वाले किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
को-आपरेटिव विभाग व कृषि विभाग से संचालित छह सहकारी समितियों पर एक मीट्रिक टन भी डीएपी उपलब्ध नहीं है। जिसमें सहकारी समिति सिलाना पर 0.2 मीट्रिक टन, सहकारी समिति बरनावा पर 0.15 मीट्रिक टन, पाबला सहकारी समिति पर 0.75 मीट्रिक टन, हिसावदा समिति पर 0.65 मीट्रिक टन, लहचौड़ा समिति पर 0.05 मीट्रिक टन व सूप सहकारी समिति पर 0.25 मीट्रिक टन ही डीएपी उपलब्ध है। अन्य समितियों पर भी डीएपी की उपलब्धता कम है।
फसल के लिए डीएपी जरूरी
शुगर मिल चालू हो गई है। खेतों से गन्ना उठने लगा है। खेत खाली होते ही किसान गेहूं की बुआई में जुट जाते हैं। डीएपी की कमी के चलते किसानों की परेशानी बढ़ेगी। जल्द ही जरूरत के अनुसार डीएपी की व्यवस्था कराई जाए।-मनोज तोमर
डीएपी के बिना खेती संभव नहीं
डीएपी के बिना गेहूं की अच्छी फसल संभव नहीं है। इसके लिए किसानों को कई बार कालाबाजारी का भी सामना करना पड़ चुका है। विगत वर्षो में डीएपी के लिए मारामारी मची थी। शासन से जिले की क्षमता के अनुसार डीएपी की व्यवस्था कर सप्लाई की जाए।-उपेंद्र तोमर
खाद नहीं मिला तो बर्बाद हो जाएगी फसल
गेहूं की फसल के लिए डीएपी जरूरी है। यदि किसानों को डीएपी नहीं मिला तो खेतों में उगाई जाने वाली फसल बर्बाद हो जाएगी।-नरेंद्र सिंह
क्षमता के अनुसार उपलब्ध कराई जाए डीएपी
क्षेत्र की कई समितियों पर डीएपी नहीं होने की बात कहकर किसानों को लौटाया जा रहा है। इसमें किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षमता के अनुसार डीएपी सप्लाई की जाए।-तीरथपाल
वर्जन-
शासन से भेजी गई डीएपी को समितियों पर वितरित किया जा रहा है। जल्द ही सभी समितियों पर डीएपी भेजा जाएगा। शासन से क्षमता के अनुसार डिमांड की जाएगी। किसानों को डीएपी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।-मोहसिन अली, एआर कॉ-आपरेटिव
मनोज तोमर- फोटो : BAGHPAT
किरथपाल- फोटो : BAGHPAT
नरेंद्र अहलावत- फोटो : BAGHPAT