बड़ौत/दोघट। डीएपी खाद को लेकर सोमवार को मारामारी मची रही है। जिस कारण भारी भीड़ के कारण पुलिस की मौजूदगी में किसानों को खाद वितरित की गई।
खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसके बावजूद काफी संख्या में किसानों को बगैर खाद के लौटना पड़ा। पिछले एक माह से डीएपी नहीं आने से किसान परेशान थे, क्योंकि गेहूं की फसल की बुवाई लगातार प्रभावित हो रही थी। यही कारण था कि सोमवार को जनपद के लगभग सभी केंद्रों पर सुबह से ही डीएपी लेने के लिए मारामारी मची रही। किसानों को पता चला कि डीएपी केंद्रों पर आ गई है, किसान केंद्रों की ओर दौड़ पड़े। किसानों की केंद्र पर भीड़ व हंगामा बढ़ने की सूचना पर पुलिस भी बुलाई गई। पुलिस के साथ भी किसानों की नोकझोंक हुई।
किसानों का आरोप था कि केंद्र के अधिकारी अपने जानकारों को ही डीएपी उपलब्ध करा रहे हैं। गहमागहमी के बीच पुलिस की देखरेख में डीएपी वितरित किया। इसके बावजूद स्टॉक देखते ही देखते खत्म हो गया। मांग के अनुरूप डीएपी नहीं मिलने से बहुत से किसान प्रशासन को कोसते हुए अपने घरों को लौट गए। मौके पर जयवीर, रामबीर, अनिल, शीशपाल, मदन, सत्यवीर आदि शामिल रहे।
उधर, किसानों को सेवा सहकारी समिति दोघट पर डीएपी आने की सूचना मिली। किसान अपने संसाधन लेकर डीएपी लेने के लिए समिति पर पहुंच गए, जिससे वहां भीड़ लग गई। पहले डीएपी लेने को लेकर किसानों में आपस में विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ता देख समिति के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दे दी। थाना प्रभारी ने किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया और लाइन लगवाकर खाद दिलवाई। समिति के प्रबंध निदेशक लोकेंद्र मलिक ने बताया कि समिति पर खाद की कमी नहीं है। किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। मौके पर रविंद्र, मनोज, संजीव, राहुल, विपिन, हरेंद्र मौजूद रहे।