बागपत। घरेलू गैस सिलिंडर पर सौ रुपये कम करने से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। यहां रोजाना 56 हजार 374 सिलिंडर की खपत होती है और इस तरह सौ रुपये कम होने से रोजाना 56 लाख 34 हजार 700 रुपये कम खर्च करने पड़ेंगे।
सरकार ने गैस सिलिंडर पर सौ रुपये की कमी की है, जिससे रसोई के बजट में कुछ राहत मिलती दिख रही है। यहां एक महीने में 16 लाख 91 हजार 230 सिलिंडर की खपत होती है, जिनके लिए 16 करोड़ 90 लाख 41 हजार रुपये की बचत होगी। इस तरह सिलिंडर के दाम कम होने पर बड़ी राहत मिलती दिख रही है। इस फैसले को गृहणियों ने सराहा है और इस तरह ही रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य चीजों के दाम कम करने की मांग उठाई है।
- इस तरह है अलग-अलग कंपनियों के सिलिंडर की खपत
- इंडेन की 23 गैस एजेंसी हैं, जहां से महीने में 13 लाख 4 हजार 759 सिलिंडर की सप्लाई होती है और इस तरह महीने में 13 करोड़ चार लाख 75 हजार 900 रुपये बचेंगे।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम की सात गैस एजेंसी हैं, जिनसे महीने में तीन लाख 27 हजार 388 सिलिंडर की सप्लाई होने के कारण तीन करोड़ 27 लाख 38 हजार 800 रुपये की बचत होगी।
- भारत पेट्रोलियम की दो गैस एजेंसी हैं, जिनसे महीने में 59 हजार 83 सिलिंडर की सप्लाई होने पर 59 लाख आठ हजार 300 रुपये बचेंगे।
- गृहणियां बोलीं, महंगाई पर लगे लगाम
- गैस सिलिंडर के दाम पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रहे थे। इससे रसोई का बजट बिगड़ रहा था, अब 100 रुपयेे कम हुए हैं तो कुछ राहत जरूरी मिलेगी। -ऋतु, गृहणी
- सरकार का महंगाई पर अंकुश लगाने का यह फैसला अच्छा है। गैस सिलिंडर के अलावा अन्य खाद्य वस्तुएं हैं जो लगातार महंगी हो रही हैं। उनके भी दाम कम होने चाहिए। - मुकेश, गृहणी
- इतनी महंगाई के आगे गैस सिलिंडर पर केवल सौ रुपये कम किए गए हैं। इससे ज्यादा राहत नहीं मिलेगी, लेकिन कुछ कम जरूर किए गए हैं। सरकार को सिलिंडर पर ज्यादा दाम कम करने चाहिए। - गुड्डी, गृहणी
- दाल, चने, हल्दी, जीरा समेत अन्य चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार को इन पर भी ध्यान देने की जरूरत हैं। गैस सिलिंडर के दाम कम करना ठीक फैसला है, लेकिन अन्य चीजों के दाम भी कम होने चाहिए। - सोनी, गृहणी