बागपत। यमुना की बाढ़ सबसे ज्यादा किसानों के लिए आफत बनकर आई है। यमुना में 10 करोड़ रुपयों से ज्यादा की फसल बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को परिवार का पेट भरने की सबसे ज्यादा चिंता सता रही है। ऐसे ढाई हजार से ज्यादा परिवारों को सरकार से मुआवजे की आस है।
यमुना का जलस्तर बढ़ने से टांडा, शबगा, खेड़ा इस्लामपुर, फैजपुर निनाना, सिसाना, बागपत, पाली, काठा के किसानों की फसल डूब गई। जबकि सुभानपुर में तटबंध टूटने से सुभानपुर, सांकरौद, गढ़ी, अब्दुलपुर में खेतों में कई फिट तक पानी जमा हो गया। इन गांवों की करीब 12 हजार बीघा फसल बर्बाद हो गई है। जिनमें धान, सब्जी, गन्ने, ज्वार की फसल शामिल है। फसल की पैदावार होने पर बेचकर ही परिवार का गुजारा चलता है, लेकिन अब फसल बर्बाद होने से करीब ढाई हजार परिवारों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
हिंडन का जलस्तर बढ़ने पर भी बढ़ रही परेशानी
जहां अभी तक यमुना नदी ने किसानों की परेशानी बढ़ाई, वहीं अब हिंडन का लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। जिससे बालैनी, कहरका, मुकारी, सहबानपुर, नवादा, गढ़ी कलंजरी, बामनौली, सूजती, कंडेरा के गांवों के किसानों की फसल में कई फिट तक पानी जमा हो गया है। अगर पानी जल्द ही कम नहीं हुआ तो वहां भी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
दस बीघा में धान की फसल की बुआई की हुई थी। फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अब आगे के लिए कुछ स्थिति साफ नहीं हो रही है कि परिवार का गुजारा कैसे होगा। प्रशासन जल्द खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाए तो कुछ राहत मिले। - सचिन त्यागी, सुभानपुर
20 बीघा में ज्वार, धान, गन्ने की फसल की बुवाई की हुई थी। पूरी फसल डूब गई है और जिस तरह से अभी पानी जमा है, उससे फसल खराब हो गई है। परिवार का गुजारा कैसे किया जाएगा, इसकी चिंता सता रही है। सरकार को जल्द मुआवजा देना चाहिए। - मोनू शर्मा, अब्दुलपुर
यमुना का पानी खेतों में अभी तक कई फुट तक जमा है। ज्वार व धान की फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में परिवार का आगे गुजारा कैसे होगा। प्रशासन को जल्द मुआवजा देना चाहिए। रोहित धनकड़, फैजपुर निनाना
यमुना के पानी में डूबने से 35 बीघा में लोकी, तोरई, ज्वार, धान की फसल बर्बाद हो गई। यमुना से काफी बड़ा नुकसान दिया है और परिवार का गुजारा करने के लिए भी कुछ नहीं बचा। खराब फसल का जल्द मुआवजा दिया जाए। - जयकिशन, बागपत
50 बीघा जमीन ठेके पर लेकर धान, ज्वार, गन्ने की फसल की बुवाई की थी। हिंडन नदी का पानी बढ़ने से फसल डूब गई है। काफी फसल खराब हो गई है तो पानी जल्द नहीं निकलने पर अन्य भी खराब हो जाएगी। -आकिल, ललियाना
फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। जिन जगहों पर पानी कम हो रहा है, वहां नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
सुभानपुर गांव में यमुना का पानी आने से खराब हुई ज्वार की फसल