जीआरपी ने आरोपी अमित को न्यायालय में पेश किया तो उसे वहां से जेल भेज दिया गया। अमित की 12 मार्च को जमानत हो गई और वह थाने में जमा अपना निजी मोबाइल लेने पहुंचा। उसे देखकर जीआरपी बड़ौत थानाध्यक्ष उधम सिंह तालान को शक हुआ कि आखिर इतनी जल्दी उसकी जमानत कैसे हो गई। जबकि बागपत, दिल्ली, नोएडा, हरियाणा समेत आसपास कोई परिचित भी नहीं है जो उसकी जमानत करा सके। जिसके बाद जीआरपी थानाध्यक्ष ने जांच शुरू की तो जमानत के लिए चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
नौरोजपुर गुर्जर की प्रधान व अन्य लोगों के फर्जी कागज लगे मिले
जीआरपी थानाध्यक्ष उधम सिंह तालान ने जब आरोपी अमित की जमानत में लगे दस्तावेजों को न्यायालय से निकलवाकर जांच की तो उसमें नौरोजपुर गुर्जर गांव की प्रधान रीना देवी की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर से तैयार प्रमाण पत्र व अन्य कागज मिले। इसके अलावा गांव के एक व्यक्ति ब्रजवीर से बातचीत की गई तो उसने भी बताया कि उसने किसी की जमानत नहीं ली और उससे गांव के एक युवक ने कागज लिए थे। उन कागजों पर ब्रजवीर ने अपने हस्ताक्षर भी फर्जी बताए।
हत्या के मामले में भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा
जीआरपी थानाध्यक्ष की जांच में पता चला कि फर्जीवाड़ा करके जमानत दिलाने के मामले में कुछ लोगों को चिह्नित किया है। उनमें नौरोजपुर गुर्जर गांव के कई लोग शामिल हैं। जीआरपी थानाध्यक्ष ने कोतवाली बागपत में जाकर छानबीन की तो पता चला कि गिरोह के सदस्य अपने परिजनों व गांव के कई लोगों के कागजों पर बिना बताए फर्जी हस्ताक्षर करके मेरठ व गाजियाबाद तक हत्या के मामले में भी जमानत दिला चुके हैं। कुख्यात अमित भूरा के गिरोह के सदस्य तक को इन लोगों ने जमानत दिलाई है।
चोर से डेढ़ लाख लिए तो अन्य से अपराध के आधार पर मोटी रकम
जीआरपी थानाध्यक्ष उधम सिंह तालान के अनुसार जमानत पर छूटकर आए चोरी के आरोपी ने उनसे बताया कि उससे जमानत दिलाने के लिए डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे। जबकि बड़े अपराधों में अपराध के आधार पर मोटी रकम वसूली जाती है। इस तरह यह शक जताया जा रहा है कि यह गिरोह फर्जीवाड़ा करके बागपत के अलावा मेरठ, दिल्ली, सहारनपुर, नोएडा, हरियाणा, उत्तराखंड समेत अन्य जगहों के रहने वाले सौ से ज्यादा लोगों की जमानत करा चुका है।
एसपी को पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग
यह पूरा मामला उजागर होने पर नौरोजपुर गुर्जर की प्रधान व गांव के व्यक्ति ब्रजवीर की तरफ से एसपी को पत्र देकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है। इसमें एसपी बागपत ने जांच शुरू करा दी है तो एसपी जीआरपी भी अपने स्तर से जांच करा रहे हैं।