पाबला बेगमाबाद गांव में विवाहिता रूबी की जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल वाले इसे बीमारी से मौत बता रहे हैं। पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जांच के बाद शव को कब्जे में ले लिया।
गौरीपुर जवाहरनगर निवासी रूबी (30) की शादी छह साल पहले पाबला बेगमाबाद निवासी संजय से हुई थी। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। बेटी का जन्म एक सप्ताह पूर्व हुआ है। वह कई दिन से जीटीबी अस्पताल में भर्ती थी। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
शाम करीब पांच बजे रूबी का शव पाबला गांव में पहुंचा। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंचे सीओ कर्मवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने मृतका के मायके और ससुराल के लोगों से पूछताछ की।
रूबी के पिता जयकिरत का कहना है कि रूबी के ससुरालवाले दहेज से खुश नहीं थे। काफी समय से वे दहेज में दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। समय-समय पर उन्होंने रूबी को रुपये भी दिए, लेकिन ससुरालवाले कुछ समय बाद दोबारा रुपये मांगने लगते थे।
आरोपी रूबी के छूछक में बाइक मांग रहे थे। उन्होंने असमर्थता जताई तो उन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। उनका कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ही ससुरालियों ने रूबी की हत्या की है। उधर, रूबी के ससुर सत्यपाल का कहना है कि रूबी चार-पांच दिन से बीमार थी। उसका जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा था।
उपचार के दौरान ही मौत हुई है। सीओ कर्मवीर सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतका की मौत का कारण पता चलने पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
उधर, रूबी के पिता का कहना है कि ससुरालवालों ने न तो रूबी के बीमार होने की जानकारी दी और न ही उसकी मौत की। उनके पास तो किसी अज्ञात नंबर से रूबी की मौत से संबंधित फोन आया था। वे पाबला पहुंचे तो ससुरालवाले गुपचुप तरीके से रूबी के दाह संस्कार की तैयारी में लगे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रूबी का शव उठाने का प्रयास किया।
इसका उसके ससुरालियों ने विरोध किया। उनका कहना था कि रूबी की बीमारी से मौत हुई है। उसके पोस्टमार्टम की क्या जरूरत है। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इससे वहां हंगामा हो गया।