पुरा गांव के दोहरा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पांच हजार के इनामी आदेश के दो और साथियों को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि धीरज की हत्या के केस की उसकी पत्नी बबीता पैरवी कर रही थी। सजा से बचने और जमीन कब्जाने के लिए उसने भाभी बबीता और उसकी मां की हत्या की है।
एसपी डी प्रदीप कुमार का कहना है कि केस के मुख्य आरोपी आदेश को सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के नेतृत्व में बालैनी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार रात मवीकलां गांव के जंगल से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इस दौरान दोनों ओर से 15-16 गोली चली। पूछताछ करने पर आरोपी आदेश ने बताया कि उसकी भाभी बबीता, भाई धीरज की हत्या के केस की पैरवी कर रही थी।
सजा से बचने और जमीन पर कब्जा करने के इरादे से उसने बबीता और उसकी मां कृष्णा की अपने साथी पिंटू उर्फ विकास पुत्र मुकेश और शाहरूख पुत्र जुल्फिकार निवासी मवीखुर्द के साथ मिलकर हत्या की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त चार तमंचे, कई कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी का कहना है कि पूछताछ करने के लिए आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। एसपी का कहना है कि इनामी आदेश को पकड़े वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
मैं न मारता तो मुझे मरवा देती भाभंी
बागपत। अस्पताल पहुंचने के बाद आदेश ने कहा कि हां उसने अपनी भाभी बबीता और उसकी मां की हत्या की है। उसे हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। उसकी भाभी बबीता ने उसकी हत्या कराने की धमकी दी थी। अपनी मौत के डर से जुलाई माह में जेल से जमानत पर छूटने के बाद अपने घर पर नहीं गया। वह खेतों में ही समय व्यतीत कर रहा था।
हत्या करने के बाद खेतों में छुप गए थे आरोपी
बागपत। एसपी का कहना है कि हत्या करने के बाद आदेश अपने साथियों के साथ खेतों में छुप गया था। तभी से ईख के खेत और ट्यूबवेल पर रह रहे थे। आरोपी नशा करते हैं।
आदेश के रिश्तेदार का भी आ रहा नाम सामने
बागपत। सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन का कहना आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पता चला है कि इसमें और लोग भी शामिल रहे हैं। इनमें आदेश का एक रिश्तेदार का नाम भी है। सही पता लगाने के लिए आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
योजना बनाकर की वारदात
बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आदेश ने वारदात को पूरे प्लान के तहत अंजाम दिया है। उसने अपने भाई मनीष को वारदात से दो दिन पूर्व ही किसी अन्य केस में जेल भिजवा दिया था और पिता राजपाल को अस्पताल में भर्ती करा दिया था। ताकि उनका नाम केस में न आए। पता चलने पर पुलिस ने आसपास के नर्सिंग होम खंगाले, लेकिन राजपाल का पता नहीं चला।