छपरौली। निरपुड़ा में पिता-पुत्र की हत्या प्रापर्टी, रुपयों के लेन-देन से जुड़ी है। छपरौली के सुनील और निरपुड़ा का नरेश साढू़ हैं, दोनों की ससुराल मेरठ के दौराला में है। साले नहीं होने के कारण वहां की प्रापर्टी इनके हिस्से में आई। इसे बेचने और रुपयों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि दूध की डेयरी को लेकर भी विवाद है।
मूल रूप से शामली के कैल गांव निवासी सुनील अपने परिवार के साथ छपरौली में आकर बस गया था। दौराला निवासी विक्रम सिंह ने अपनी बेटी राजेश का विवाह सुनील के साथ किया था, जबकि दूसरी बेटी नरेश के साथ ब्याही थी। ससुराल में साला नहीं होने के कारण प्रापर्टी का बंटवारा हुआ। पारिवारिक सूत्रों ने बताया करीब पांच लाख रुपये के लेन-देन का विवाद है।
कुछ लोगों का कहना है कि निरपुड़ा में दूध की डेयरी बनाई गई थी, जिसमें हिस्से को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने थे। इसी विवाद में पहले कई बार पंचायतें हुई, लेकिन मामला नहीं सुलझा। मंगलवार को भूपेंद्र ने छपरौली से निरपुड़ा डेयरी पर बुलाए। विवाद बढ़ने पर गोलियां चला दी, इसमें पिता-पुत्र मारे गए।
दो लाशें पहुंची तो मच गया कोहराम
पिता सुनील अपने बेटों और कुछ परिचितों के साथ तगादा करने निरपुड़ा गया था। कहकर गए थे कि कुछ देर बाद ही लौट आएंगे, लेकिन शाम के समय जैसे ही दोनों की लाशें पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवार के कुछ लोग घायल अंकित को लेकर अस्पताल में गए हुए हैं।
रेडिमेड कपड़ों की दुकान चलाता था नितिन
सुनील का बेटा नितिन छपरौली में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाता था। दुकान से उठकर ही वह पिता के साथ गया था।
15 दिन पहले डेयरी पर हुई थी फायरिंग
करीब 15 दिन पहले डेयरी पर फायरिंग हुई थी। दोघट पुलिस को इस मामले की जानकारी दी, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया। लोगों ने कहा यदि पुलिस फायरिंग की वारदात को गंभीरता से लेती तो जांच में कुछ न कुछ जरूरत निकलकर सामने आता।
अपराधियों पर शिकंजा कसते रहे एडीजी
जिस वक्त निरपुड़ा में वारदात हुई सूबे के एडीजी क्राइम अभय कुमार प्रसाद जिला मुख्यालय पर गांगनौली कांड को लेकर प्रेस वार्ता कर रहे थे। उनका कहना था कि अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा, लेकिन साथ ही जघन्य वारदात हो गई। यहीं से पुलिस निरपुड़ा, छपरौली रवाना हो गया।
भूपेंद्र घायल
प्रत्यक्षदर्षियों के अनुसार नरेश के बेटे भूपेंद्र के सिर में चोट लगी है। लेकिन, वह घटनास्थल से भाग गया।