आरएसएस के जिला सहकार्यवाह एवं प्रॉपर्टी डीलर हितेंद्र चौहान की हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने विवेचना शुरू कर 15 लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। यह विवेचना मृतक के परिजनों की शिकायत पर सीबीसीआईडी मेरठ से बागपत कोतवाली ट्रांसफर हुई है। सीबीसीआईडी दो आरोपियों को क्लीनचिट दे चुकी है।
बागपत के चौहनान मोहल्ला निवासी हितेंद्र चौहान की 17 जनवरी 2014 को पुराना कस्बा के सुभाष गेट के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता लख्मीचंद ने सिसाना गांव के महिपाल उर्फ घोटी, प्रदीप उर्फ पप्पू, काठा निवासी छोटेलाल शर्मा, मेरठ के टेहरकी निवासी अजेंद्र उर्फ मोधू और एक अज्ञात पर रंजिशन हत्या करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना के दो दिन बार मृतक के परिजनों ने पांचवें अज्ञात आरोपी का नाम यशवीर उर्फ मिंटू बताया था। कोतवाली पुलिस ने यशवीर को भी मुल्जिम मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी थी। कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रदीप और महिपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इनके अलावा पुलिस ने छोटेलाल शर्मा के मकान की कुर्की भी कर दी थी। अन्य दो आरोपियों के मकानों की कुर्की नहीं हो पाई थी। इसी दौरान आरोपियों की शिकायत पर केस की विवेचना सीबीसीआईडी मेरठ ट्रांसफर हो गई थी।
सीबीसीआईडी ने जांच के आधार पर आरोपी यशवीर उर्फ मिंटू और अजेंद्र को क्लीनचिट दे दी थी। अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
मृतक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस अफसरों ने केस की जांच दोबारा बागपत कोतवाली को सौंप दी है। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि केस की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में 15 लोगों के बयान दर्ज किया गए हैं। जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।