तहसील में फांसी लगाने का प्रयास करता राममेहर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल पर बकाया 244 करोड़ के भुगतान को लेकर किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर तेल छिड़कर और एक अधिवक्ता ने तहसील परिसर के पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूलने की कोशिश की। पुलिस ने इन्हें किसी तरह रोका। नाराज युवकों ने एसडीएम ऑफिस की एक खिड़की भी तोड़ डाली।
् एसडीएम और डीसीओ ने मिल के खिलाफ 10 दिन में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया तो किसान मान गए। एलान किया यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा। इस दौरान बीज गन्ना समिति के चेयरमैन के साथ भी हाथापाई हुई।
बृहस्पतिवार को बकाया भुगतान की मांग के लिए किसान तहसील में एकत्र हुए । एक तरफ पंचायत चली थी तो दूसरी तरफ बावली गांव के प्रमोद के नेतृत्व में सुभाष, सुरेश पाल, विनोद और कंवर पाल तेल की केन लेकर एसडीएम कार्यालय के पास पहुंचे और प्रमोद ने तेल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान किसानों ने तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने उन्हें बल पूर्वक शांत किया।
इसी दौरान राममेहर एडवोकेट ने तहसील परिसर के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उन्हें रोक लिया। सूचना मिलते ही एडीएम दीपाली कौशिक, एएसपी अजीजुल हक, जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार, सीओ कर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे और उनकी किसानों से वार्ता हुई। इस दौरान एसडीएम दीपाली कौशिक ने किसानों के बीच पहुंचकर कहा वह मिल में चल रहे काम को रुकवाएंगे। मिल की जमीन नीलाम करने और मिल की कुर्की के आश्वासन पर किसान मान गए।