आशु की मौत पर बिलखते परिवार के लोग।
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उधार में दी गई सब्जी के पैसे मांगने पर चौबली गांव में एक किशोर को पहले कमरे में बंधक बनाया गया। इसके बाद गांव के चौराहे पर उसे लाठी-डंडों से इतना पीटा गया कि बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के समय भीड़ किशोर को पिटता हुआ देखती रही और तमाशबीन बनी रही। किशोर के पिता की ओर से तीन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मलकपुर गांव का रहने वाला किशोर (15) आशु पुत्र अनिल ने हाल ही में दसवीं कक्षा पास की है। आशु दिन में पढ़ने के बाद शाम को सब्जी बेचता था। सोमवार शाम साइकिल पर चौबली गांव के विपिन नाम के युवक से उधार में दी गई सब्जी के 15 हजार रुपये लेने गया था।
जब वह चौबली गांव में उनके घर पहुंचा तो विपिन और उसके भाइयों से कहासुनी हो गई। बाद में उन्होंने आशु को एक कमरे में बंद कर पिटाई की और गंभीर रूप से घायल कर दिया। वे यही नहीं रुके, फिल्मी स्टाइल में उसे लेकर गांव के चौराहे पर पहुंचे और वहां ग्रामीणों की भीड़ के बीच ही लाठी-डंडों से इतना पीटा कि वह बेसुध हो गया। युवक उसे मरा समझकर चले गए।
घटना का पता चलने पर पहुंचे आशु के परिजन उसे लेकर बड़ौत के एक निजी अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके परिजन उसे लेकर बड़ौत कोतवाली पहुंचे। लेकिन घटना छपरौली की होने की कारण पुलिस ने उन्हें छपरौली भेज दिया।
देर रात इस मामले की रिपोर्ट आशु के पिता अनिल ने विपिन, विकास, विनित निवासी चौबली को नामजद कराते हुये दर्ज कराई है। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाया है। गांव के चौराहे पर आशु की तीन युवक बेरहमी से पिटाई कर रहे थे और वह अपने बचाव के लिये चिल्ला रहा था। लेकिन चौराहें के चारों ओर जमा भीड़ में से किसी ने भी उसे बचाने की हिम्मत नहीं की। यदि कोई मदद का प्रयास करता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
कुछ और तो नहीं वजह?
बड़ौत। किशोर आशु की जिस बेरहमी से पीटकर हत्या की गई है। उसे देखते हुए मामला सिर्फ उधार के पैसों का नहीं लग रहा है। पुलिस घटना के पीछे अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। इस बारे में छपरौली थाने के एसएसआई चितवन सिंह का कहना है कि अभी आरोपी पकड़ से बाहर हैं। उनके पकड़े जाने पर ही सारा सच सामने आएगा। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।