शुक्रवार की रात में असामाजिक तत्वों ने कोताना गांव के पंचायत घर के बाहर बस स्टैंड पर लगी शिव मूर्ति खंडित कर दी। शनिवार की सुबह जब लोग पूजा करने पहुंचे तो खंडित मूर्ति को देखकर गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसडीएम, सीओ, कोतवाली पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत किया और ग्राम प्रधान और गांव के लोगों के साथ मूर्ति लेने के लिए जयपुर भेजा। गांव में पुलिस बल तैनात किया।
कोताना गांव में शनिवार की सुबह पवन नामक व्यक्ति भगवान शिव की मूर्ति पर जलाभिषेक करने गया तो मूर्ति का दाहिना हाथ टूटा था और मूर्ति कई जगह से खंडित की गई थी। इसकी सूचना गांव में आग की तरह फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। सूचना पर सीओ कर्मवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह यादव पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और बाद में स्थिति को देखकर पीएसी भी बुलाई। सीओ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ग्राम प्रधान बालेश्वर त्यागी समेत चार लोगों व पुलिस के जवानों के साथ दूसरी मूर्ति लेने के लिए जयपुर भेजा।
सीओ ने लोगों से कहा कुछ असामाजिक तत्वों ने यह काम किया है और वे गांव की फिजा बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया देर रात तक मूर्ति गांव में पहुंच जाएगी और बाद में विधि-विधान के साथ इसकी स्थापना होगी। सूचना पर बाद में एसडीएम दर्शन सिंह निगम भी गांव पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
सूचना पर भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया कि असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई अन्यथा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन पर मजबूर होंगे। इस संबंध में गांव के मुकेश कुमार पुत्र रामपाल ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हिंदू जागरण मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
कोताना गांव में शिव जी की मूर्ति खंडित किए जाने से हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया और वे जिला युवा अध्यक्ष दीपक के नेतृत्व में कोताना पहुंचे और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश जताया और सीओ बड़ौत से मांग की कि इस घटना में शामिल रहे दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए नहीं तो मंच उग्र आंदोलन करेगा।