बागपत। प्रवीण गांगनौली और सतेंद्र सिरसली के पीछे पुलिस खूब पड़ी हुई है। इसके बाद अपराधी सतेंद्र का अपने गांव के जंगल से मोह भंग नहीं हो रहा है। वह सिरसली के जंगल में ही छिपा है। इससे लोग भयभीत हैं। अफसरों से लगातार शिकायत कर रहे हैं।
सिरसली गांव के सतेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिल कर फायरमैन भूपेंद्र की 27 सितंबर को हत्या की। इस संबंध में बिनौली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने उसके एक साथी को पकड़ा भी, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर बिनौली थाने से भाग गया।
सतेंद्र ने 10 अक्तूबर को अपने साथी प्रवीण राठी के साथ मिलकर गांगनौली गांव में खून खराबा किया। दो सिपाही समेत पांच सदस्यों की जान ली। इतना ही नहीं पुलिस की एसएलआर भी लूटकर ले गए थे। दोनों आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
गांगनौली हत्याकांड के बाद बागपत पुलिस ही नहीं नोएडा तक की एसटीएफ दोनों के पीछे दौड़ भाग रही है। इसके बाद भी सतेंद्र अपने गांव की सीमा से बाहर नहीं जा रहा है। मृतक भूपेंद्र के भाई एवं रालोद नेता प्रवीण तोमर ने कहा शुक्रवार सुबह सतेंद्र अपने साथियों के साथ गांव के ही जंगल में देखा गया है और धमकी भी दे रहा है। इससे लगता है कि सतेंद्र फिर से खून खराबा करने की फिराक में है।
सतेंद्र की गिरफ्तारी को एएसपी से मिला परिवार
बागपत। रालोद नेता प्रवीण तोमर ने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एएसपी से सतेंद्र व उसके साथियों की गिरफ्तारी और अपने परिवार की पर्याप्त सुरक्षा की मांग की।
तीसरे दिन भी धरने पर बैठा जितेंद्र
बागपत। मृतक भूपेंद्र के भाई शिक्षक जितेंद्र, तीसरे दिन शनिवार को भी कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे। उन्होंने कहा जब तक उनके भाई की हत्या में शामिल रहे गांव के जिम्मेदार व्यक्ति की नामजदगी और उनको अलग से सुरक्षा मुहैय्या नहीं होगी। धरना जारी रहेगा।