यूपी पुलिस के सिपाही अमरदीप ने धर्म परिवर्तन कर समीर बनकर पहली पत्नी को तलाक दिए बगैर निकाह कर लिया। सिपाही निकाह के बाद अपने घर पहुंचा तो पहली पत्नी थाने पहुंच गई।
पति पर जानलेवा हमले और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सिपाही को हिरासत में ले लिया। दिनभर थाने में दोनों पक्षों के लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
खेकड़ा के मोहल्ला मुंडाला निवासी अमरदीप धामा यूपी पुलिस में सिपाही है।
वर्तमान में वह मुरादाबाद के थाना भोजपुर में तैनात है। अमरदीप की पहली शादी 22 अप्रैल 2012 को दोघट क्षेत्र के गढी कांगरान गांव निवासी वर्षा पुत्री स्वर्गीय छोटेलाल के साथ हुई । वह एक बेटी और एक बेटे का पिता है।
शुक्रवार की रात में अमरदीप धामा खेकड़ा स्थित अपने घर पहुंचा। शनिवार को उसकी पत्नी वर्षा को भनक लगी कि अमरदीप ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम समीर रखकर दूसरी शादी कर ली है।
वर्षा ने अपने मायके में प्रकरण की जानकारी दी। शनिवार सुबह मायके वाले वर्षा को लेकर खेकड़ा थाने पहुंचे। वर्षा ने दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमले और उसे बगैर तलाक दिए धर्म परिवर्तन कर दूसरा विवाह किए जाने की तहरीर दी।
पुलिस सिपाही अमरदीप उर्फ समीर को थाने ले आई। पति के अलावा ससुर ओमपाल एवं सास बेदों और अमरदीप के साथ निकाह करने वाली बाराबंकी की शमां बानो उर्फ फिजा खान के खिलाफ तहरीर दी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 498ए, 323, 307, 494 एवं दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कांस्टेबिल की पत्नी वर्षा की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाने पहुंची पहली पत्नी के आरोप
खेकड़ा। वर्षा ने कहा कि शादी में घरेलू सामान के साथ दो लाख रुपये के सोने के आभूषण एवं डेढ़ लाख रुपये नगद दिए गए थे। इसके बावजूद शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज में कार लाने के लिये प्रताड़ित कर रहे थे।
शुक्रवार की रात में उसे पता चला कि पति ने मुस्लिम रीति रिवाज से नाम बदलकर 12 अक्तूबर को निकाह कर लिया है। उसने विरोध किया तो दूसरे कमरे में बैठकर मेरी हत्या की योजना बनाने लगे। तभी उसने फोन कर अपने भाई को मायके में घटना की सूचना दी।
सिपाही बोला, वश में कर निकाह किया
खेकड़ा। पुलिस की सख्ती और मुकदमा दर्ज होते ही सिपाही अमरदीप के बयान बदलने लगे। उसने थाना पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी वर्षा को धोखा नहीं दिया है। शमां बानो ने उसे किसी तरह दबाव में लाकर उससे आनन फानन में निकाह कर लिया।
उसे पता ही नहीं चला कि शमां बानो ने उसे कैसे शादी के लिए अपने वश में कर लिया। सिपाही ने बताया कि करीब डेढ़ साल उसने ट्रेन में सफर के दौरान शमां को सीट दिला दी थी। यहीं से दोनों ने मोबाइल नंबर लिए। इसके बाद बातें शुरू होने लगी।