बरनावा आश्रम की जमीन पर उठे सवाल की जांच के लिए प्रशासन तैयारी में जुटा है। चकबंदी और वन विभाग की टीम के साथ राजस्व की टीम भी शामिल की जाएगी। संयुक्त टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
डेरा सच्चा सौदा के बरनावा आश्रम की जमीन को लेकर विवाद उठ रहे हैं। कुछ लोगों ने प्रशासन से शिकायत की कि आश्रम के प्रबंधकों ने ग्राम पंचायत और वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया है। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने बताया स्थिति स्पष्ट करने के लिए ही वन विभाग और चकबंदी की टीम बनाई है, अब इसमें राजस्व विभाग की टीम भी लगाई जाएगी।
ग्राम पंचायत और वन विभाग अगर कहता है कि उनकी जमीन पर कब्जा है, तो उसकी पैमाइश कराकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। वन विभाग की टीम ने अकेले पहुंचकर जांच की, लेकिन उन्हें इस बाबत कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। उनकी ओर से गठित टीम जल्द ही मौके पर जाकर जांच करेगी।
उधर, बरनावा आश्रम के प्रबंधकों ने प्रशासन को 65 लोगों की सूची दे रखी है। पहचान पत्र दिखाकर यही लोग आश्रम में आवाजाही कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी आश्रम का मुख्य बड़ा गेट बंद रहा। बिनौली पुलिस ने कई बार गश्त की और दिनभर पीएसी तैनात रही।
शेखपुरा के परिवार उठा रहे सवाल
बागपत। बिनौली क्षेत्र के गांव शेखपुरा के कई परिवार आश्रम पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि यह परिवार कानूनी कार्रवाई से बच रहे हैं, लेकिन इनका कहना है कि उनकी जमीन को औन-पौने दाम में खरीदा गया है। ग्राम प्रधान के पति जनेश्वर बागड़ी स्वीकार करते हैं कि कुछ लोग उनके पास पहुंचे हैं, लेकिन अभी किसी ने शिकायत नहीं की है।
वीडियो वायरल वाली महिला शेखपुरा की
बागपत। महिलाओं के साथ अत्याचार की बात कहने वाली बुजुर्ग महिला शेखपुरा गांव की है। बयान वायरल होने के बाद वह गांव में नहीं है। महिला का परिवार गाजियाबाद के लोनी में रहता है और पिछले साल ही सरकारी योजना के तहत उसे गांव में आवास दिया । प्रधान के पति जनेश्वर बागड़ी का कहना है कि महिला फिलहाल गांव से चली गई है। महिला अगर कहेगी तो वह उसका साथ देने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है वीडियो में महिला 27 साल पुराने उत्पीड़न का जिक्र कर रही है।