बागपत शहर के यमुना रोड स्थित मकान में हुई युवक फरीद की हत्या के चर्चित केस की फाइल पुलिस ने दोबारा खोल दी है। इस मामले में जानलेवा हमले के आरोपी रफीक समेत कई आरोपियों को पुलिस क्लीन चिट दे चुकी है।
बागपत के देवी चौक मोहल्ला निवासी युवक फरीद की 27 अप्रैल 2016 को यमुना रोड पर स्थित एक मकान में गोली लगने से मौत गई थी। मृतक के परिजनों ने कांस्टेबल रघुवीर, कांस्टेबल जितेंद्र, भाकियू नेता चमनलाल के बेटे सोनू व मोनू के अलावा हितैष पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर, जिस मकान में वारदात हुई थी उस मकान की मालकिन कृष्णा देवी ने आरोप लगाया था कि पुरानी तहसील मोहल्ले के युवक रफीक ने अपने 8-10 साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। आरोपी रफीक व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने फरीद की हत्या के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जबकि, दूसरे केस के आरोपी रफीक व उसके साथियों को विवेचना के आधार पर क्लीन चिट देते हुए केस में फाइल रिपोर्ट लगा दी थी।
एसपी अजय शंकर राय पिछले दिनों जेल का निरीक्षण करने पहुंचे तो उनके सामने जेल में बंद आरोपी कांस्टेबल रघुवीर ने पूरे केस के बारे में बताया। साथ ही कई लोगों ने उनसे केस की दोबारा से विवेचना करने की मांग की। एसपी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए केस की दोबारा से विवेचना करने के कोतवाली पुलिस को निर्देश दे दिए है।