फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस वाले तो मेरे दोस्त हैं...

Sun, 20 Sep 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
 नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की हत्या के सूत्रधार तौहीद ने जेल जाने से पूर्व सनसनीखेज खुलासा किया है। उसका कहना है कई पुलिस वालों से दोस्ताना संबंध है। पुलिस वाले भी उस पर काफी विश्वास करते हैं। वह यमुना से रेत खनन करता था।
विज्ञापन


 तौहीद ने बताया कि निवाड़ा गांव के एक व्यक्ति के साझे में उसने ट्रक खरीद रखा है। उस व्यक्ति की पुलिस से अच्छी जान पहचान है। उसी के माध्यम से उसकी भी पुलिसकर्मियों से मुलाकात हुई थी।

रेत का खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित होने के बावजूद वह अब भी माह में तीन-चार गाड़ी रेत मेरठ ले जाकर बेच देता था। एक माह पूर्व पुलिस ने उसके रेत से भरे ट्रक को पकड़ भी लिया था।
विज्ञापन


उसने कहा कि यदि मुसाहिद को ले जाते समय गांव के लोग न देखते तो वह न पकड़ा जाता। इस बारे में सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि तौहीद की किसी पुलिस कर्मी से जान पहचान नहीं थी। वह खुद को बचाने के लिए इस तरह की बातें कर रहा है।

जिंदा नहीं छोड़ेंगे मुसाहिद के परिजन
बागपत। तौहीद ने कहा कि मुसाहिद के परिजन उसकी जान के दुश्मन बन गए हैं। अब वे उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। दोस्त को बचाने के लिए उसने अपनी जान खतरे में डाल ली है। हालांकि उसे मुसाहिद की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है।

 दो गैंग ने मिलकर की मुसाहिद की हत्या
बागपत। सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि तौहीद और अली मोहम्मद गैंग ने मिलकर मुसाहिद की हत्या की है। जानकारी मिली है कि अली मोहम्मद पक्ष के  एक व्यक्ति की कई साल पूर्व हत्या कर यमुना में बहा दिया था। उसका शव अभी तक नहीं मिला है।

अली मोहम्मद पक्ष मुसाहिद पर ही उसकी हत्या की आशंका जता रहा था। तैमूर की मुसाहिद ने हत्या कर रखी थी। तैमूर के परिजन इस कारण उससे रंजिश रखते थे। दोनो गैंग ने एक साथ मिलकर मुसाहिद को ठिकाने लगा दिया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें