डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती के लिए भड़ल गांव से चौथी के छात्र आर्यन उर्फ क्रिश का अपहरण कर हत्या करने के मामले में पुलिस सवा दो माह बाद भी खाली हाथ है। उसके कातिलों का अभी तक पता नहीं लगा पाई है। पुलिस अपराधियों के बयानों में ही उलझकर रह गई है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह का आश्वासन भी हवाई साबित हो गया है।
भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र कुमार का बेटा आर्यन उर्फ क्रिश का 28 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गांव के कांवड़ सेवा शिविर से अपहरण हुआ था। थोड़ी देर बाद ही रविंद्र के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। फोनकर्ता ने उनसे बेटे आर्यन को छोड़ने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। दोघट थाना पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 2 अगस्त को आर्यन का शव मेरठ के डालूहेड़ा गांव के पास हिंडन नदी में मिला था।
इसको लेकर भारी हंगामा हुआ था। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया था कि आर्यन के कातिलों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने करीब 165 लोगों से केस के संबंध में पूछताछ की। लुहारी गांव के युवक अर्जुन की हत्या के केस में पकड़े गए अपराधी ने वरुण लुहारी पर आर्यन की हत्या करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने वरुण को पकड़ा तो उसने बाबू भड़ल का नाम ले दिया था। हालांकि वरुण ने मीडिया के सामने आर्यन के अपहरण के बाद हुई हत्या की घटना की जानकारी होने से पूरी तरह से इंकार कर दिया था। तभी से पुलिस का शक बाबू भड़ल पर है।
आखिर कार आर्यन की हत्या किसने की, इसका अभी तक सहीं पता नहीं चल पाया है। पुलिस अपराधियों के बयानों में ही उलझकर रह गई है। मृतक के परिजन और क्षेत्र के लोग कई बार केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर चुके हैं। सीओ कर्मवीर सिंह का कहना है कि केस पर पुलिस कार्य कर रही है। उम्मीद है जल्द ही केस का खुलासा हो जाएगा।